NewsNation Online

News That Informs. Stories That Matter.

शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे में बड़ा ट्विस्ट! CM फडणवीस ने बदला नागपुर–गोवा महामार्ग का मार्ग

शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे में बड़ा बदलाव: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषित किया नागपुर–गोवा महामार्ग का नया मार्ग

महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन अधिवेशन के अंतिम दिन नागपुर–गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के नए मार्ग (अलाइनमेंट) की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय विरोध, जनभावनाओं और व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे के मार्ग में आवश्यक बदलाव किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे को समृद्धि एक्सप्रेसवे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। प्रारंभिक मार्ग को लेकर कोल्हापुर और सांगली जिलों में तीव्र विरोध सामने आया था। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिक व्यवहारिक और विकासोन्मुख नया मार्ग तय किया है।

कोल्हापुर और सांगली को परियोजना से बाहर नहीं किया गया

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ शब्दों में कहा कि शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से कोल्हापुर और सांगली जिलों को पूरी तरह बाहर नहीं किया गया है। जहां परियोजना को लेकर अधिक विरोध था, केवल उन्हीं हिस्सों को मार्ग से हटाया गया है। दोनों जिले इस महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा बने रहेंगे।

नए मार्ग की रूपरेखा

विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, नया मार्ग सोलापुर से पंढरपुर होते हुए सांगली जिले के वालवा क्षेत्र और कोल्हापुर जिले के चंदगढ़ इलाके से होकर गुजरेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मार्ग अधिक उपयुक्त है और इससे क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक्सप्रेसवे कोल्हापुर जिले से होकर ही गुजरेगा, लेकिन इस बार ऐसा मार्ग चुना गया है जो स्थानीय नागरिकों के लिए स्वीकार्य हो और विकास की दृष्टि से लाभकारी साबित हो।

मराठवाड़ा को मिलेगा सबसे अधिक लाभ

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यद्यपि यह एक्सप्रेसवे नागपुर से गोवा तक प्रस्तावित है, लेकिन इसका सबसे अधिक लाभ मराठवाड़ा क्षेत्र को होगा। उन्होंने इसे राज्य की एक महत्वाकांक्षी परियोजना बताते हुए कहा कि इससे मराठवाड़ा की सड़क संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी और औद्योगिक, पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि प्रारंभिक मार्ग निर्धारण में कुछ तकनीकी कमियां थीं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा इन खामियों की ओर ध्यान दिलाए जाने के बाद सरकार ने नया मार्ग तय किया है।

पिछड़े क्षेत्रों को जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों के समानांतर सड़क बनाना नहीं है, बल्कि उन क्षेत्रों को जोड़ना है जहां अब तक पर्याप्त सड़क संपर्क उपलब्ध नहीं है। यह परियोजना विशेष रूप से पिछड़े और विकास से वंचित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तैयार की गई है।

वन भूमि पर न्यूनतम प्रभाव

नए मार्ग की एक अहम विशेषता यह है कि इसमें वन भूमि बहुत कम प्रभावित होगी। इससे पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करने में कम बाधाएं आएंगी और परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जो लोग पहले इस परियोजना का विरोध कर रहे थे, उनमें से अधिकांश अब नए मार्ग के समर्थन में आ गए हैं।

2026 से शुरू होगा निर्माण कार्य

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी दी कि शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य वर्ष 2026 में शुरू किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद नागपुर से गोवा तक की यात्रा अवधि लगभग 10 घंटे कम हो जाएगी। अनुमान है कि यह दूरी अब केवल 8 से 9 घंटे में पूरी की जा सकेगी, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

कुल मिलाकर, शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे का नया मार्ग जनभावनाओं, पर्यावरण संतुलन और क्षेत्रीय विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आपके लिए सुझाव

author avatar
Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.


Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading