हजारों वाहनों के साथ मराठा समाज का संघर्ष, पुलिस की कड़ी निगरानी और ड्रोन से होगा मोर्चे का मार्गदर्शन
जालना: मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे मंगलवार को अपने पैतृक गांव अंतरवाली सराटी (जालना) से मुंबई की ओर रवाना हो गए। इस ऐतिहासिक मोर्चे में हजारों वाहन शामिल थे, जिनमें 17 फीट ऊंची छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति और भगवान गणेश की प्रतिमा रखी गई। पुलिस ने इस मोर्चे के लिए कुल 40 शर्तों के साथ अनुमति दी है। इन शर्तों में उकसाने वाले भाषण, विवादित नारे, साम्प्रदायिक तनाव फैलाने वाले बयान और घोषित मार्ग से भटकने पर पूरी तरह रोक शामिल है।
मोर्चे से पहले जरांगे ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “अब गेंद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पाले में है कि वे हमें अनुमति देते हैं या नहीं। हम नियमों का पालन करेंगे और यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।” उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “अंग्रेजों ने जो नहीं किया, वह फडणवीस के शासनकाल में हो रहा है। सरकार आरक्षण न देने के लिए जिद पर अड़ी हुई है। लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।”
उच्च न्यायालय ने मुंबई में आंदोलन करने पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद जरांगे ने स्पष्ट किया कि “आंदोलन का हमारा अधिकार न्यायदेवता नहीं छीन सकते। मराठा समाज न्यायोचित आरक्षण की मांग लेकर मुंबई की ओर जाएगा। हम कोर्ट का सम्मान करेंगे, लेकिन सरकार द्वारा लगाए गए आडकाठी के बावजूद आंदोलन करेंगे।”
पुलिस बंदोबस्त और सुरक्षा व्यवस्था
जालना पुलिस ने मोर्चे की सुरक्षा और संचालन के लिए विशेष तैयारियां की हैं। मोर्चे की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी, जबकि 450 पुलिसकर्मी और अधिकारी, दो SRPF कंपनियां और बॉम्ब खोजक दल तैनात किए गए हैं। मोर्चे को जालना जिले की हद तक अनुमति मिली है।
पुलिस द्वारा तय 40 अटी-शर्तों में मुख्य बिंदु:
- यात्रा की पूरी जानकारी जिलास्तरीय अधिकारियों को देना।
- घोषित मार्ग का पालन करना और मार्ग बदलना नहीं।
- एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य वाहनों के रास्ते में बाधा न डालना।
- सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना।
- सफाई और शौचालय की उचित व्यवस्था करना।
- मोटरसाइकिल पर दो से अधिक लोग नहीं, वाहनों की क्षमता का पालन करना।
- किसी भी प्रकार के हथियार, पत्थर या ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर रोक।
- सार्वजनिक शांति बनाए रखें और कानून का उल्लंघन न करना।
मोर्चे का मार्ग और पहला मुक्काम
मनोज जरांगे ने राज्यभर के मराठा समाज से मोर्चे में भाग लेने और समर्थन देने का आवाहन किया है। मोर्चे का पहला मुक्काम जुन्नर शहर होगा और वहां से यह क्रमशः मुंबई की ओर बढ़ेगा। मध्य रात्रि में मराठा आंदोलनकारी आंतरवाली में इकट्ठा हुए और सुबह 10 बजे रवाना हुए।
सामाजिक और राजनीतिक महत्व
गणेश उत्सव की धूम के बीच यह मोर्चा मराठा समाज के अधिकार और न्यायोचित आरक्षण की मांग को लेकर विशेष महत्व रखता है। पुलिस की सख्त निगरानी और नियमों के बावजूद यह आंदोलन शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से आगे बढ़ रहा है। यह मोर्चा मराठा समाज की एकता, संघर्षशीलता और न्यायोचित अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने की क्षमता को उजागर करता है।

