तुर्किए और अज़रबैजान के खिलाफ व्यापार प्रतिबंध की मांग — ऑपरेशन सिंदूर के बाद देशहित में रत्न-आभूषण उद्योग का बड़ा फैसला
नई दिल्ली | व्यापार संवाददाता | 16 मई 2025
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद तुर्किए द्वारा पाकिस्तान के समर्थन में दिए गए बयान से भारत के प्रमुख व्यापारिक संगठनों में आक्रोश है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से मांग की है कि तुर्किए और अज़रबैजान के साथ रत्न और आभूषण व्यापार पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाया जाए।
GJC के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने कहा, “यह समय है जब हमारा उद्योग राष्ट्रहित को वाणिज्य से ऊपर रखकर एक ठोस उदाहरण प्रस्तुत करे। तुर्किए द्वारा पाकिस्तान जैसे आतंक समर्थक देश का साथ देना निंदनीय है।”
CAIT और पर्यटन क्षेत्र की प्रतिक्रिया
केवल GJC ही नहीं, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भी इसी रुख का समर्थन करते हुए कहा कि भारत के विरोधियों से व्यापार करना स्वीकार्य नहीं है। महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “व्यापार से अधिक महत्वपूर्ण देश है, और सभी भारतीय व्यापारियों को देश के साथ खड़ा होना चाहिए।”
इसी के साथ, MakeMyTrip, Cleartrip और Ixigo जैसी प्रमुख ट्रैवल कंपनियों ने तुर्किए और अज़रबैजान के लिए सभी प्रचार बंद कर दिए हैं और बुकिंग रद्द करने का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
भारतीय सेना द्वारा हाल ही में शुरू किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक जवाबी सैन्य कार्रवाई थी, जिसमें पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन में भारतीय खुफिया एजेंसियों और सेना ने वैज्ञानिक तरीकों और सैन्य तकनीक का बेहतरीन उपयोग किया।
ऑपरेशन के बाद तुर्किए ने पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिया, जिसे भारत में अपमानजनक और भारत-विरोधी रुख के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
भारत के रत्न-आभूषण और पर्यटन उद्योगों की यह मांग केवल एक आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में लिए गए फैसले के रूप में सामने आई है। अब निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं कि वह इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेती है।
