GST में बड़ा बदलाव: आम जनता, किसान और मध्यम वर्ग को मिलेगी राहत
नेशनल डेस्क: महंगाई के इस दौर में आम जनता, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए केंद्र सरकार की ओर से राहत की खबर।
केंद्र सरकार जीएसटी (GST) प्रणाली में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसका लक्ष्य न केवल टैक्स ढांचे को सरल बनाना है बल्कि लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ने वाले बोझ को कम करना भी है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में एक बैठक में नई GST व्यवस्था का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि नया GST तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित होगा:
- संरचनात्मक सुधार: पूरे टैक्स ढांचे को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए बदलाव।
- दर युक्तिकरण: टैक्स स्लैब और दरों में बदलाव, ताकि आम जरूरत की चीजें सस्ती हों।
- लोगों के जीवन को आसान बनाना: बीमा और अन्य आवश्यक सेवाओं पर टैक्स को कम करना।
नई GST दरों से क्या-क्या बदलाव होंगे?
वर्तमान में GST की चार मुख्य दरें हैं: 5%, 12%, 18%, और 28%। नई व्यवस्था में इन स्लैब्स में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं:
- 5% और 18% स्लैब: आम जरूरत की चीजों पर यह दरें बरकरार रहेंगी।
- नया 40% स्लैब: केवल कुछ लग्जरी और विशेष आइटम्स पर यह लागू होगा।
- सस्ती रोजमर्रा की चीजें: रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं को कम दर वाले स्लैब में रखा जाएगा, जिससे किसानों और मध्यम वर्ग पर बोझ कम होगा।
- बीमा पर टैक्स में कमी: हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स कम होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी का ऐलान और लागू होने की संभावना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले स्वतंत्रता दिवस के भाषण में GST दरों में बदलाव का संकेत दिया था। वित्त मंत्री ने इसे राज्यों के Group of Ministers (GoM) के सामने रखा।
सूत्रों के अनुसार, यदि राज्यों की सहमति मिल जाती है, तो यह प्रस्ताव अगले महीने GST काउंसिल में पेश किया जाएगा। इसके बाद नई दरें दिवाली तक लागू होने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि यह बदलाव केवल टैक्स की दरों को बदलने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि आम लोगों के जीवन को सरल, सस्ता और सुविधाजनक बनाने में भी मदद करेगा।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से मध्यम वर्ग और किसानों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे देश में घरेलू खपत को भी बल मिलेगा। बीमा प्रीमियम में कमी से स्वास्थ्य और जीवन बीमा का कवरेज बढ़ सकता है।
आम जनता के लिए असर
- किसानों को राहत: कृषि से जुड़ी जरूरी वस्तुएं और उपकरण कम टैक्स स्लैब में आएंगे।
- मध्यम वर्ग की बचत बढ़ेगी: रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में राहत।
- बीमा सस्ता: हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस आसान और किफायती।
- महंगाई पर नियंत्रण: टैक्स दरों में बदलाव से जीवन यापन पर दबाव कम होगा।

