जालना (प्रतिनिधि): स्टील उद्योगों के लिए आवश्यक मशीनरी, भट्टी तथा तकनीकी उपकरणों की आपूर्ति करने वाली अहमदाबाद के प्रतिष्ठित अभियांत्रिकी संस्थान इलेक्ट्रोथर्म इंडिया ने अपने प्रादेशिक कार्यालय को पुणे से स्थानांतरित कर जालना की औद्योगिक वसाहत में स्थापित किया है। मंगलवार को आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में कालिका स्टील के संचालक एवं उद्योजक घनश्यामदास गोयल ने नये कार्यालय का शुभारंभ किया।
उद्घाटन समारोह में उद्योग जगत के सतीश अग्रवाल, अरुण अग्रवाल, दिनेश राठी, नितीन काबरा, मुकेश अग्रवाल, सुरेश मगरे सहित इलेक्ट्रोथर्म के प्रबंध निदेशक सुरज भंडारी, कार्यकारी संचालक सुनील कुलकर्णी, तुषार जानी, शरद चोजर एवं अहमदाबाद कार्यालय के अभियंता तथा कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
स्टील उद्योग के सामूहिक विकास की विशिष्ट पहचान — सुरज भंडारी
उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए प्रबंध निदेशक सुरज भंडारी ने कहा कि जालना का स्टील उद्योग सामूहिकता और प्रगतिशील सोच के लिए देशव्यापी रूप से प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी का मुख्यालय अहमदाबाद में होने के बावजूद उसकी जड़ें जालना से जुड़ी हुई हैं।
भंडारी ने युवाओं को उद्योगों में सक्रिय भागीदार बनाने तथा स्थानीय उद्यमियों के साथ समन्वय बढ़ाने का आह्वान किया और कहा: “जालना में उद्योग और विकास दोनों को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाने का विशाल अवसर है — नई पीढ़ी को सहयोग व मार्गदर्शन देकर इस विकास को और व्यापक बनाना चाहिए।”
उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रोथर्म नई तकनीकों के विकास में लगातार निवेशरत है और जालना के स्टील उद्यमियों के लिए प्रशिक्षित टीम तथा तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
चार कर्मचारियों से लेकर उन्नत औद्योगिक समाधान तक — इलेक्ट्रोथर्म की कहानी
कार्यकारी संचालक सुनील कुलकर्णी ने कंपनी की विकास-यात्रा बताते हुए कहा कि इलेक्ट्रोथर्म की शुरूआत केवल चार कर्मचारियों और लगभग एक करोड़ रुपये वार्षिक उलाढाल के साथ हुई थी। आज कंपनी देश में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्टील उद्योगों के लिए एक प्रमुख तकनीकी सहयोगी बन चुकी है।
कुलकर्णी ने जालना के उद्योगों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हाल ही में कंपनी ने राजुरी स्टील को 32 मेगावॉट क्षमता तथा 60 टन क्षमता वाली देश की प्रमुख इंडक्शन फर्नेस आपूर्ति की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी जालना के उद्योगों से ऐसा सहयोग जारी रहेगा।

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