बजट 2026–27: भारतीय रेल को ऐतिहासिक बढ़ावा, ₹2.93 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026–27 में भारतीय रेल को अब तक का सबसे बड़ा पूंजीगत निवेश दिया गया है। सरकार ने रेलवे के लिए ₹2,93,030 करोड़ के रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) की घोषणा की है। इस निवेश का उद्देश्य रेल नेटवर्क का आधुनिकीकरण, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, माल परिवहन में सुधार और यात्री सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।
हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार
बजट 2026–27 में देशभर में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की योजना सामने आई है। इन कॉरिडोरों को “ग्रोथ कनेक्टर्स” के रूप में देखा जा रहा है, जो प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक शहरों को आपस में जोड़ेंगे।
- मुंबई – पुणे
- पुणे – हैदराबाद
- हैदराबाद – बेंगलुरु
- हैदराबाद – चेन्नई
- चेन्नई – बेंगलुरु
- दिल्ली – वाराणसी
- वाराणसी – सिलीगुड़ी
इन परियोजनाओं के पूरा होने से यात्रा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। उदाहरण के तौर पर मुंबई से पुणे का सफर करीब 48 मिनट में और चेन्नई से बेंगलुरु की दूरी लगभग 1 घंटे 13 मिनट में तय की जा सकेगी।
फ्रेट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती
रेलवे बजट में माल परिवहन को अधिक कुशल और किफायती बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक लगभग 2,052 किलोमीटर लंबे नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है।
यह कॉरिडोर पूर्व और पश्चिम भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे जोड़ते हुए लॉजिस्टिक्स लागत कम करेगा और बंदरगाहों तक तेज व निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। इससे व्यापार, निर्यात और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
रेलवे सुरक्षा के लिए ₹1.20 लाख करोड़
यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने रेलवे सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए ₹1.20 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। इसके तहत ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और कोचों के रखरखाव को आधुनिक बनाया जाएगा।
- कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का विस्तार
- रेल पटरियों और सिग्नल सिस्टम का उन्नयन
- स्टेशनों पर सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था
- ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम का आधुनिकीकरण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों में किए गए निरंतर निवेश के कारण रेलवे दुर्घटनाओं में लगभग 95 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है।
पर्यावरण और मेक इन इंडिया पर जोर
रेल परिवहन को सड़क परिवहन की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल बताया गया है। यह सड़क परिवहन की अपेक्षा लगभग 95 प्रतिशत कम प्रदूषण करता है। इसी कारण सरकार रेल नेटवर्क को हरित परिवहन के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है।
इसके साथ ही भारत में डिजाइन और निर्मित आधुनिक रेल प्रणोदन प्रणालियों का निर्यात अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, स्विट्जरलैंड और स्पेन जैसे देशों में किया जा रहा है, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक पहचान मिल रही है।
रिकॉर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धियां
- 35,000 किलोमीटर नई रेल लाइनों का निर्माण
- 47,000 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण
- 99.5 प्रतिशत से अधिक ब्रॉडगेज नेटवर्क का विद्युतीकरण
- आधुनिक वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार
निष्कर्ष
केंद्रीय बजट 2026–27 में भारतीय रेल के लिए घोषित यह ऐतिहासिक निवेश देश के रेल नेटवर्क को तेज, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।

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