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विधायक अर्जुनराव खोतकर की मध्यस्थता सफल, किसानों का आंदोलन स्थगित

MLA Arjunrao Khotkar’s mediation successful, farmers’ agitation postponed

*भूमि मूल्यांकन समेत अन्य मांगों को लेकर मुंबई में होगी बैठक 

जालना: नांदेड-जालना समृद्धि महामार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर देव मूर्ति में जारी किसानों का धरना आंदोलन सातवें दिन समाप्त हो गया. यह निर्णय सोमवार (3 फरवरी) की शाम लिया गया. आंदोलन समाप्त कराने में विधायक अर्जुनराव खोतकर की अहम भूमिका रही, जिन्होंने प्रशासन और किसानों के बीच संवाद स्थापित कर जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल को आंदोलन स्थल पर बुलाकर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिलवाया.

*न्याय के लिए सात दिनों तक संघर्ष

समृद्धि महामार्ग परियोजना के तहत सरकार द्वारा अधिग्रहित की जा रही भूमि का मूल्यांकन बेहद कम किए जाने को लेकर किसानों में नाराजगी थी. इसके अलावा, कई किसानों के खेतों में बनीं कुएं, पाइपलाइन, वृक्ष और जल संरचनाओं की उचित गणना नहीं की गई, जिससे किसानों को न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिल पा रहा था. इस अन्याय के खिलाफ 22 जनवरी को 200 से अधिक किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर 5 फरवरी को सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी थी. इससे पहले ही, पिछले 7 दिनों से किसान देव मूर्ति में धरना आंदोलन कर रहे थे, जिसका नेतृत्व दिलीप राठी कर रहे थे.

प्रशासन ने इस आंदोलन को लंबे समय तक नजरअंदाज किया, जिससे किसानों में आक्रोश और बढ़ गया. आंदोलन को तीव्र करने के लिए किसानों ने अपने बैलों और परिवार के सदस्यों के साथ धरने में भाग लिया, जिससे माहौल और भी गंभीर हो गया.

*आंदोलन समाप्ति की पृष्ठभूमि

सोमवार (3 फरवरी) की सुबह विधायक अर्जुनराव खोतकर आंदोलन स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से संवाद कर अतिरेक निर्णय न लेने की अपील की. हालांकि, जब तक सरकार की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखने की दिलीप राठी और किसानों की स्पष्ट भूमिका थी. दोपहर तक आंदोलन और अधिक उग्र होने की संभावना जताई जा रही थी.

शाम होते-होते विधायक खोतकर और जिलाधिकारी पांचाल के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई. इस दौरान डॉ. पांचाल खुद देव मूर्ति पहुंचे और आंदोलनकारियों से मुलाकात की. उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में हुई त्रुटियों को सुधारा जाएगा. इसके लिए प्रशासन किसानों के साथ समय-समय पर बैठकें करेगा, समस्याओं के समाधान हेतु विशेष समिति गठित की जाएगी और आवश्यक सुधार किए जाएंगे.

इस आश्वासन के बाद आंदोलन के प्रमुख नेता दिलीप राठी ने आंदोलन को एक माह के लिए स्थगित करने की घोषणा की.

*मंत्रालय में होगी विशेष बैठक : खोतकर

आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए विधायक अर्जुनराव खोतकर ने कहा कि सरकार और प्रशासन की ओर से किसानों के साथ न्याय होना चाहिए. उन्होंने जानकारी दी कि जिला संरक्षक मंत्री, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया है. इसके अलावा, 5 या 6 फरवरी को मंत्रालय में विशेष बैठक आयोजित करने का आश्वासन भी दिया गया है.

*प्रशासन की जवाबदेही और किसानों की चेतावनी

इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. पांचाल ने भी प्रशासन की ओर से किसानों के हित में सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा और खेतों में मौजूद वृक्ष, कुएं, पाइपलाइन व अन्य संरचनाओं के उचित मुआवजे के लिए पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा.

हालांकि, आंदोलन स्थगित करने की घोषणा करते हुए दिलीप राठी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन अपने आश्वासन पर खरा नहीं उतरा, तो भविष्य में ऐसा बड़ा आंदोलन होगा कि राज्य सरकार को भी हस्तक्षेप करना पड़ेगा.
इस बैठक और आंदोलन स्थगन के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी, तहसीलदार छाया पवार, शिवसेना जिला संपर्क प्रमुख पंडितराव भुतेकर, उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी, पुलिस निरीक्षक सुरेश उनवणे समेत बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और किसान उपस्थित रहे.


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Imran Siddiqui

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