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“22 दिन से लापता मासूम, प्रशासन की चुप्पी पर भड़के नागरिक – CBI जांच की उठी मांग!”

“Innocent missing for 22 days, citizens enraged over administration’s silence – demand for CBI investigation raised!”

*अंबड से लापता 3 वर्षीय इकरा का अब तक कोई सुराग नहीं, पुलिस की नाकामी से बढ़ा आक्रोश

जालाना: अंबड शहर,  की फैसलाबाद कॉलनी से 3 वर्षीय मासूम इकरा अमजद मनियार के 22 दिन से लापता होने के बावजूद पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है. 12 जनवरी 2025 को हुई इस घटना के बाद से परिवार लगातार पुलिस से गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

इस गंभीर मामले में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र सरकार से सीबीआई (CBI) या सीआईडी (CID) द्वारा उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

*कानून-व्यवस्था पर सवाल, नागरिकों में असुरक्षा का माहौल

इस घटना के चलते अंबड और जालना के नागरिकों में भारी गुस्सा और असुरक्षा का माहौल है. लोगों का कहना है कि एक मासूम बच्ची के अपहरण के बाद भी प्रशासन की निष्क्रियता बेहद चिंताजनक है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, लापता होने के शुरुआती 24 घंटे सबसे अहम होते हैं, लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण जरूरी एक्शन समय पर नहीं लिया गया. अगर प्रशासन ने तेजी दिखाई होती, तो शायद मासूम बच्ची को अब तक खोजा जा सकता था.

*पुलिस पर उठ रहे बड़े सवाल

22 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली – आखिर जांच में क्या हो रहा है?  शुरुआती 24 घंटे में क्यों नहीं लिया गया त्वरित एक्शन? परिवार लगातार पुलिस के पास जा रहा, फिर भी कोई ठोस जवाब क्यों नहीं मिल रहा? यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन गई है.

*नागरिकों की मुख्य मांगें:

CBI या CID द्वारा इस मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच शुरू की जाए. क्या इसमें किसी मानव तस्करी या अपराधी गिरोह का हाथ है? इसकी गहराई से जांच हो.पुलिस की लापरवाही की जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.बच्ची के परिवार को सरकारी सुरक्षा और न्यायिक सहायता दी जाए.महिला-बाल सुरक्षा के लिए अंबड और जालना में विशेष पुलिस बल तैनात किया जाए.

*नागरिकों की चेतावनी – ‘जल्द एक्शन नहीं तो आंदोलन होगा’

यदि प्रशासन इस मामले को हल्के में लेता है और जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो समाज के विभिन्न संगठन और नागरिक उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे. जिलेभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

ज्ञापन सौंपने वालों में हाजी अब्दुल हमीद (अध्यक्ष, उम्मत बचाव तहेरीक, जालना),अरविंद देशमुख (अध्यक्ष, मराठा महासंघ, जालना), पूर्व नगरसेवक मोहम्मद नजीब, फारुक तुंडीवाले, सय्यद अजहर, अमजद खान, जिवन सले ,संदीप खरात, शेख वसीम (अध्यक्ष, युवा कांग्रेस, जालना विधानसभा), शेख अजीम, अब्दुल खालेक सिद्दीकी, आमेर मिर्झा, अलोक  सरवडीकर का समावेश है.

*क्या प्रशासन मासूम इकरा को खोजने में सफल होगा?

अब सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करेंगे? या फिर यह मामला भी अनसुलझे केस की लिस्ट में शामिल होकर ठंडे बस्ते में चला जाएगा? नागरिकों को सिर्फ एक ही चीज चाहिए – न्याय और सुरक्षा. अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितना जल्द और कितना सख्त कदम उठाता है.


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Imran Siddiqui

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