जालना: आभासी मुद्रा में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में जालना आर्थिक अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी रमेश बाबुराव उत्तेकर (54) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पेशे से वकील है। उसे 3 सितंबर 2026 को अहिल्यानगर जिले के संगमनेर से गिरफ्तार किया गया। अदालत ने आरोपी को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, बिटकॉइन और दूसरी डिजिटल मुद्राओं में लोगों की बढ़ती दिलचस्पी का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने BLSS और VDTT नाम की आभासी मुद्राओं में निवेश करने पर भारी मुनाफा मिलने का लालच दिया। आरोप है कि लोगों को अलग-अलग समय पर निवेश करने के लिए तैयार किया गया और उनसे बड़ी रकम जमा कराई गई। बाद में निवेश की रकम वापस नहीं की गई और आरोपी फरार हो गए।
₹4,30,66,795 के निवेश की शिकायत
इस मामले में 18 अक्टूबर 2025 को मिली शिकायत के आधार पर जालना के कदीम पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने शिकायतकर्ता, उसके रिश्तेदारों और दोस्तों को कथित तौर पर भरोसा दिलाकर कुल ₹4,30,66,795 का निवेश कराया। बाद में इस रकम का कथित रूप से गबन कर लिया गया।
इस मामले में अमोद वसंत म्हेतर, इरफान सय्यद मोयोद्दीन, व्यंकटेश दशरथ भोई, रमेश बाबुराव उत्तेकर, अजय गायकवाड़ और शर्वरी अमोद म्हेतर को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात, आपराधिक साजिश और महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (MPID) कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग की वेबसाइट पर MPID कानून की जानकारी उपलब्ध है।
पहले भी दर्ज हो चुका है क्रिप्टोकरेंसी का मामला
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ इससे पहले जालना तालुका पुलिस थाने में GDCC क्रिप्टोकरेंसी मामले में भी केस दर्ज किया गया था। उस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ इचलकरंजी और कोल्हापुर, ठाणे, राबोडी तथा कर्नाटक के बागलकोट में भी मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
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तकनीकी जांच से मिली आरोपी की जानकारी
जालना आर्थिक अपराध शाखा ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपी रमेश बाबुराव उत्तेकर, निवासी हरिओम पुरम सोसायटी, औंधगांव, पुणे के बारे में जानकारी हासिल की। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद पुलिस टीम अहिल्यानगर जिले के संगमनेर पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को 3 सितंबर 2026 को संगमनेर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
पेशे से वकील है रमेश उत्तेकर
पुलिस के अनुसार, रमेश उत्तेकर पेशे से वकील है। मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने उसे गिरफ्तार करने के बाद विशेष MPID अदालत में पेश किया। अदालत ने पूछताछ और मामले की आगे की जांच के लिए आरोपी को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि निवेश के नाम पर जुटाई गई रकम कहां गई, इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा BLSS और VDTT के नाम पर कितने लोगों से पैसा लिया गया।
आर्थिक अपराध शाखा कर रही है आगे की जांच
मामले की जांच जालना आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है। पुलिस आरोपियों के बीच पैसों के लेन-देन, निवेशकों से जुटाई गई रकम और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
यह कार्रवाई जालना के पुलिस अधीक्षक तेघबीरसिंह संधु, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. विक्रम साळी और उपविभागीय पुलिस अधिकारी बालासाहेब पवार के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में सहायक पुलिस निरीक्षक मिथुन घुगे, पुलिस उपनिरीक्षक शैलेश म्हस्के सहित पुलिसकर्मी गोकुलसिंग कायटे, किरण चव्हाण, समाधान तेलंग्रे, अंबादास साबळे, विष्णु कोरडे, ज्ञानोबा खुणे, श्रेयश वाघमारे, जयश्री निकम और मंदा नाटकर शामिल रहे।
कानूनी स्थिति
यह मामला मूल शिकायत में दर्ज भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दर्ज बताया गया है। भारत में 1 जुलाई 2024 से नए आपराधिक कानून लागू हो चुके हैं। संबंधित आधिकारिक जानकारी के लिए गृह मंत्रालय की नई आपराधिक कानून संबंधी जानकारी देखी जा सकती है।

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