जालना, 2 सितंबर 2026। गांधीनगर स्थित सर सैयद अहमद खान उर्दू प्राथमिक स्कूल में ‘सीरत-ए-नबी ﷺ’ कार्यक्रम बड़े उत्साह और खुशनुमा माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की जिंदगी, उनकी शिक्षाओं और उनके बताए इंसानियत, प्रेम, दया, भाईचारे, ईमानदारी और अच्छे व्यवहार के रास्ते को बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों के साथ शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद रहे।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता सैयद सोहेल नदवी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजेश भैय्या टोपे मौजूद रहे। इस मौके पर सोसायटी अध्यक्ष इकबाल कुरैशी, सोसायटी सचिव अब्दुल कुद्दुस, सोसायटी सदस्य शार्क अनवर, इकबाल पाशा साहेब, मौलाना ईसा खान काशिफी, मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन, मुफ्ती सैयद नोमान हुसैनी नदवी, हाफिज अब्दुस्सलाम कुरैशी, अता मोहम्मद बख्शी, जावेद अहमद कुरैशी, डॉ. आदिल खान और पूर्व नगरसेवक अकबर खान बने खान समेत कई लोग मौजूद रहे।
बच्चों को अच्छे इंसान बनने की सीख
मुख्य अतिथि राजेश भैय्या टोपे ने बच्चों से बातचीत करते हुए पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की जिंदगी और उनकी सीख के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रेम, दया, इंसानियत, भाईचारे, सच्चाई और अच्छे व्यवहार जैसी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने बच्चों से कहा कि सीरत-ए-नबी ﷺ को सिर्फ सुनने या पढ़ने तक सीमित न रखें, बल्कि उसकी अच्छी बातों को अपनी जिंदगी में अपनाएं। बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार मिलना भी जरूरी है, ताकि वे आगे चलकर जिम्मेदार और अच्छे नागरिक बन सकें। टोपे ने स्कूल की ओर से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व और संस्कारों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
बच्चों के भाषण और नात ने जीता दिल
कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सीरत-ए-नबी ﷺ पर शानदार भाषण और अपने विचार पेश किए। बच्चों ने नात-ए-शरीफ भी पढ़ी। पूरे आत्मविश्वास के साथ दी गई उनकी प्रस्तुतियों को मौजूद लोगों ने खूब पसंद किया और तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
हाफिज कारी मोहम्मद मुआज ने नात-ए-शरीफ पेश की, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी खुशनुमा और रूहानी हो गया।
बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार
स्कूल की अलग-अलग गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले होनहार बच्चों को मेहमानों के हाथों पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार मिलने पर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया।
कार्यक्रम का संचालन नासिर सर ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के प्रधानाध्यापक मेहमूद सर के साथ सभी शिक्षक और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों ने मेहनत की।
‘सीरत-ए-नबी ﷺ’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की जिंदगी से मिलने वाली अच्छी सीख से जोड़ना और उनमें प्यार, इंसानियत, दया, भाईचारा, अनुशासन, सच्चाई और अच्छे व्यवहार जैसे गुण विकसित करना था। इसी संदेश के साथ कार्यक्रम उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक माहौल में संपन्न हुआ।


