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अ.ब.क.ड. आरक्षण का फैसला तुरंत लागू हो, जालना में मातंग समाज का बड़ा मार्च

Group of people marching in a street protest carrying yellow flags with a red sun emblem, many wearing colorful sarees.

जालना, 31 अगस्त 2026। सुप्रीम कोर्ट के अ.ब.क.ड. आरक्षण से जुड़े फैसले को महाराष्ट्र में तुरंत लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को जालना में मातंग समाज की ओर से बड़ा मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए अपनी मांग जल्द पूरी करने की मांग की।

मार्च की शुरुआत मस्तगढ़ स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा से हुई। इसके बाद लोग गांधी चमन, शनि मंदिर रोड और नूतन वसाहत होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में आरक्षण की मांग से जुड़े बैनर और पोस्टर थे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तुरंत अमल की मांग

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मातंग समाज को आरक्षण का सही और न्यायपूर्ण लाभ मिलना चाहिए। समाज के गरीब और पिछड़े लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को महाराष्ट्र सरकार को बिना देरी किए लागू करना चाहिए।

आंदोलन के दौरान सर्जेराव जाधव ने राज्य सरकार पर फैसले को लागू करने में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार अब मामले को टालने के बजाय सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तुरंत अमल करे।

‘फैसला लागू नहीं किया तो मुंबई बंद करेंगे’

सर्जेराव जाधव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “अ.ब.क.ड. आरक्षण का फैसला तुरंत लागू करें, नहीं तो मुंबई बंद करेंगे।” उन्होंने कहा कि अगर समाज की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में लिया हिस्सा

मार्च में महिलाओं की भी अच्छी-खासी मौजूदगी रही। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण के समर्थन में जोरदार नारे लगाए और सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मातंग समाज समेत संबंधित 59 जातियों को आरक्षण का उचित लाभ मिले और समाज के वंचित लोगों के लिए सरकार ठोस कदम उठाए।

महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग की आधिकारिक सूची में राज्य की अनुसूचित जातियों की कुल 59 प्रविष्टियां दी गई हैं और उसमें ‘मंग, मातंग’ सहित संबंधित नाम दर्ज हैं। महाराष्ट्र सामाजिक कल्याण विभाग की आधिकारिक सूची

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का क्या है आधार?

सुप्रीम कोर्ट ने 1 अगस्त 2024 के अपने फैसले में अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण के संवैधानिक पहलू पर विस्तार से विचार किया था। फैसले में कहा गया कि कुछ परिस्थितियों में राज्य सरकारें अधिक वंचित समूहों तक आरक्षण का लाभ पहुंचाने के लिए उप-वर्गीकरण की व्यवस्था कर सकती हैं, बशर्ते संवैधानिक सीमाओं और निर्धारित कानूनी कसौटियों का पालन हो। सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला

NewsNationOnline पर आरक्षण से जुड़ी अन्य खबरें भी पढ़ें: जालना में आरक्षण आंदोलन से जुड़ी खबर और जालना मनपा की आरक्षण सूची पर खबर

जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर पुलिस बंदोबस्त

मार्च को देखते हुए जिलाधिकारी कार्यालय के आसपास पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया था। किसी तरह की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पुलिस ने विशेष सावधानी बरती।

मातंग समाज ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का अगला चरण और ज्यादा जोरदार होगा। समाज ने राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जल्द से जल्द लागू करने की मांग दोहराई।

लेखक: Rashmi Bagdi

A large street protest with dozens of people marching, many carrying bright yellow flags featuring a red sun emblem and a banner with text in an Indian script.
Group of people marching in a street protest carrying yellow flags with a red sun emblem, many wearing colorful sarees.
Group of people marching on a street holding yellow flags with a red sun symbol and a portrait, during a political rally.

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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