जालना/प्रतिनिधि: महाराष्ट्र में खुले यानी ढीले खाद्य तेल की बिक्री पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्रवाई को राज्य सरकार ने एक साल के लिए रोक दिया है। सरकार के इस फैसले से जालना समेत राज्यभर के छोटे-बड़े तेल और किराना व्यापारियों को राहत मिली है। जालना जिला व्यापारी महासंघ और ‘कैट’ की ओर से फैसले का पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर स्वागत किया गया।
अन्न एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे की ओर से खुले और बिना पैकिंग वाले खाद्य तेल की बिक्री पर कार्रवाई की तैयारी के बाद व्यापारियों में चिंता बढ़ गई थी। अचानक कार्रवाई होने से छोटे दुकानदारों और पारंपरिक तेल विक्रेताओं के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका थी।
इस मामले में जालना जिला व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष और CAIT के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश पंच ने व्यापारियों की ओर से पहल की। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ई-मेल के जरिए निवेदन भेजकर व्यापारियों की परेशानियां बताईं और नियमों को लागू करने के लिए समय देने की मांग की। राज्य के अन्य व्यापारी संगठनों ने भी इस मांग का समर्थन किया।
सरकार ने एक साल का समय दिया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 1 सितंबर 2026 को व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद खुले खाद्य तेल की बिक्री पर FDA की कार्रवाई को एक साल के लिए रोकने की घोषणा की। सरकार का कहना है कि इस दौरान व्यापारियों को मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों के मुताबिक अपने कारोबार में जरूरी बदलाव करने का समय मिलेगा।
सरकार FDA अधिकारियों और व्यापारियों की एक संयुक्त समिति भी बनाएगी। यह समिति पारंपरिक कारोबार करने वाले व्यापारियों को नियमों के मुताबिक जरूरी बदलावों और व्यावहारिक दिक्कतों के समाधान के बारे में सुझाव देगी।
मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि यह राहत स्थायी नहीं है। एक साल बाद फिर से मोहलत नहीं दी जाएगी और व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना होगा।
जालना में व्यापारियों ने मनाई खुशी
सरकार के फैसले की जानकारी मिलते ही जालना के होलसेल किराना मार्केट में बड़ी संख्या में व्यापारी जमा हुए। व्यापारियों ने ‘व्यापारी एकता जिंदाबाद’ के नारे लगाए और पटाखे फोड़कर खुशी जताई। इस मामले में पहल करने के लिए सतीश पंच को मिठाई खिलाकर उनका स्वागत और सम्मान भी किया गया।
व्यापारियों का कहना है कि अचानक रोक लगने से छोटे दुकानदारों के सामने कारोबार चलाने की मुश्किल पैदा हो सकती थी। अब एक साल का समय मिलने से वे नियमों के अनुसार अपने कारोबार को तैयार कर सकेंगे।
व्यापारियों की एकजुटता काम आई : सतीश पंच
सतीश पंच ने कहा कि अन्न एवं औषधि प्रशासन के अचानक लिए गए फैसले से छोटे-बड़े तेल विक्रेताओं के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई थी। व्यापारियों ने एकजुट होकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाई। सरकार ने व्यापारियों की परेशानी को समझते हुए एक साल की राहत दी है।
उन्होंने इस फैसले के लिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार जताया। पंच ने कहा कि व्यापारी आगे भी सरकार के सभी नियमों का पालन करेंगे और खाद्य तेल की गुणवत्ता को लेकर पूरी सावधानी बरतेंगे।
क्यों लिया गया था फैसला?
खुले खाद्य तेल की बिक्री को लेकर खाद्य सुरक्षा और मिलावट से जुड़े सवाल उठते रहे हैं। सरकार का मकसद खाद्य तेल की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वहीं, सरकार ने यह भी माना कि बड़ी संख्या में कम आय वाले ग्राहक आज भी तेल छोटी मात्रा में खरीदते हैं और पारंपरिक छोटे दुकानदारों को तुरंत कारोबार बदलने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से सरकार ने सीधे कार्रवाई के बजाय एक साल का बदलाव का समय देने का फैसला किया है।
ये व्यापारी रहे मौजूद
इस मौके पर ऑयल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शिनगारे, कपिल चावला, संजय राऊत, रवींद्र अग्रवाल, गोविंदा सांखला, गोपाल काबरा, सत्यनारायण काबरा, निलेश नवपुते, रितेश तोष्णीवाल, चेतन रुणवाल, मनोज गडगिळे, अभिजीत मालपाणी, सचिन पंच, आनंद पंच और गोपाल झंवर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और व्यापारी महासंघ के पदाधिकारी मौजूद थे।
व्यापारियों के लिए बड़ी राहत
“व्यापारियों की एकजुटता का सरकार ने लिया संज्ञान” — सतीश पंच
खुले खाद्य तेल की बिक्री पर अचानक कार्रवाई की तैयारी से छोटे-बड़े तेल विक्रेताओं के सामने परेशानी खड़ी हो गई थी। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। सरकार ने अब एक साल का समय दिया है। इस दौरान व्यापारी नियमों के मुताबिक जरूरी बदलाव कर सकेंगे।

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