APMC और MIDC में दोहरा टैक्स तुरंत बंद करें : सतीश पंच
जालना व्यापारी महासंघ ने जिलाधिकारी डॉ. आशिमा मित्तल और मनपा अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन, तीन साल में वसूली गई रकम ब्याज सहित लौटाने की मांग
जालना : APMC यानी कृषि उपज मंडी और MIDC क्षेत्र में कारोबार करने वाले व्यापारियों और दुकानदारों से जालना महानगरपालिका की ओर से लिए जा रहे संपत्ति टैक्स को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। जालना व्यापारी महासंघ ने इसे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए दोहरा टैक्स तुरंत बंद करने की मांग की है।
इस मांग को लेकर जालना व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश पंच के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी डॉ. आशिमा मित्तल और जालना महानगरपालिका के सहायक आयुक्त विजय फुलंब्रीकर से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने पिछले तीन वर्षों के दौरान व्यापारियों से वसूले गए संपत्ति टैक्स की रकम ब्याज सहित वापस करने की भी मांग की है।
व्यापारी महासंघ ने उठाया दोहरे टैक्स का मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल में जालना व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष और कैट के राज्य उपाध्यक्ष सतीश पंच, कैट के मराठवाड़ा अध्यक्ष हस्तीमल बंब तथा जालना जिला वकील संघ के पूर्व उपाध्यक्ष एडवोकेट महेश धन्नावत शामिल थे।
व्यापारी महासंघ का कहना है कि APMC और MIDC जैसे क्षेत्रों में संबंधित संस्थाएं अपने स्तर पर कई बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। ऐसे में व्यापारियों से उसी संपत्ति पर महानगरपालिका की ओर से अलग से संपत्ति टैक्स लेना दोहरे आर्थिक बोझ के बराबर है।
महाराष्ट्र में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और प्रबंधन में MIDC की महत्वपूर्ण भूमिका है। महाराष्ट्र सरकार के अनुसार MIDC एक विशेष नियोजन प्राधिकरण के रूप में औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और प्रबंधन का काम करता है।
👉 MIDC की आधिकारिक वेबसाइट: MIDC Maharashtra
हाईकोर्ट के फैसले का हवाला
महासंघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में मुंबई हाईकोर्ट के 5 अगस्त 2026 के फैसले, रिट याचिका क्रमांक 4278/2018, और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया गया है।
महासंघ के मुताबिक, जिन क्षेत्रों में विशेष नियोजन प्राधिकरण सड़क, पानी, बिजली, सफाई और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है और इसके लिए शुल्क भी लेता है, वहां व्यापारियों और संपत्ति मालिकों से अलग से महानगरपालिका का संपत्ति टैक्स वसूलने का सवाल उठता है।
व्यापारी महासंघ ने इसी आधार पर जालना महानगरपालिका से मांग की है कि APMC और MIDC क्षेत्र में लागू दोहरे टैक्स की व्यवस्था की समीक्षा की जाए और अदालत के फैसले के अनुसार उचित निर्णय लिया जाए।
सतीश पंच बोले- एक ही संपत्ति पर दोहरा आर्थिक बोझ स्वीकार नहीं
जालना व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश पंच ने कहा कि व्यापारी पहले से ही संबंधित संस्थाओं को विभिन्न शुल्क और अन्य भुगतान करते हैं। ऐसे में उसी संपत्ति पर महानगरपालिका की ओर से अलग से टैक्स लगाना व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में संबंधित प्राधिकरण खुद सड़क, पानी, बिजली, सफाई और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है और उसके लिए शुल्क भी लिया जा रहा है, तो उसी संपत्ति पर दोबारा टैक्स लगाने के मामले को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
उन्होंने महानगरपालिका से दोहरे टैक्स की वसूली तुरंत रोकने की मांग की है।
तीन साल में वसूली गई रकम वापस करने की मांग
व्यापारी महासंघ ने वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक व्यापारियों से वसूले गए संपत्ति टैक्स की पूरी रकम ब्याज सहित वापस करने की मांग की है।
इसके अलावा व्यापारियों को भेजी गई टैक्स की मांग वाली नोटिस और वसूली की कार्रवाई पर भी तत्काल रोक लगाने का आग्रह किया गया है।
महासंघ का कहना है कि APMC क्षेत्र में जब तक बाजार समिति की ओर से जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, तब तक वहां की दुकानों, गोदामों और अन्य संपत्तियों पर महानगरपालिका की ओर से संपत्ति टैक्स की वसूली को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।
जालना महानगरपालिका के सामने रखी गई मांगें
व्यापारी महासंघ ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से ये मांगें रखी हैं—
- APMC और MIDC क्षेत्र में दोहरे संपत्ति टैक्स की व्यवस्था तुरंत बंद की जाए।
- 2023-24 से 2025-26 के बीच वसूली गई रकम ब्याज सहित वापस की जाए।
- व्यापारियों को भेजी गई टैक्स मांग की नोटिस पर रोक लगाई जाए।
- जब तक मामले का अंतिम निर्णय नहीं होता, तब तक टैक्स वसूली की कार्रवाई रोकी जाए।
- अदालत के फैसले और लागू कानून के अनुसार एक स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए।
- सभी संबंधित व्यापारियों को इस संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जाए।
जालना शहर महानगरपालिका की आधिकारिक वेबसाइट पर संपत्ति टैक्स से संबंधित नागरिक सेवाएं और प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल उपलब्ध है।
👉 जालना महानगरपालिका की आधिकारिक वेबसाइट: Jalna City Municipal Corporation
👉 जालना महानगरपालिका संपत्ति टैक्स पोर्टल: Property Tax Portal
मांग पूरी नहीं हुई तो न्यायालय जाने की चेतावनी
सतीश पंच ने कहा कि व्यापारियों की मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया और दोहरा टैक्स जारी रहा तो जालना व्यापारी महासंघ न्यायालय का रास्ता अपनाएगा। उन्होंने कहा कि एक ही संपत्ति के लिए व्यापारियों पर दोहरा आर्थिक बोझ डालना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महासंघ ने जिलाधिकारी और महानगरपालिका प्रशासन से मामले की जल्द समीक्षा कर व्यापारियों को राहत देने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख नाम:
सतीश पंच, अध्यक्ष, जालना व्यापारी महासंघ एवं राज्य उपाध्यक्ष, कैट; हस्तीमल बंब, अध्यक्ष, कैट मराठवाड़ा; और एडवोकेट महेश धन्नावत, पूर्व उपाध्यक्ष, जालना जिला वकील संघ।

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