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जालना में श्रीमद्भागवत कथा की तैयारियां तेज, हिंदू एकता का लिया संकल्प

Ornate circular emblem featuring a smiling Hindu monk in orange robes with prayer beads, raising a blessing hand, surrounded by peacocks and decorative text in Hindi.

जालना : जालना में 20 से 26 सितंबर तक मंठा रोड स्थित आई साहेब लॉन में पूज्य श्री गोविंददेव गिरीजी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जा रही है। कथा की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर रविवार, 30 अगस्त को महेश भवन में जालना के विभिन्न हिंदू समाजों और सामाजिक-धार्मिक संगठनों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में बड़ी संख्या में समाज प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और धर्म के प्रति जागरूकता, अच्छे संस्कार तथा हिंदू समाज की एकता के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

बैठक में मराठा, अग्रवाल, माहेश्वरी, दायमा, ब्राह्मण, सिंधी, गुजराती, माली, बौद्ध, जैन, श्रीमाली, वारकरी, राजपूत, गौड़, तेली, विप्र और अहीर-गवली समाज सहित जालना के कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

हिंदू समाज की एकता पर संतों ने दिया जोर

इस मौके पर आर.पी. रोड स्थित राम मंदिर के पूज्य मनोज महाराज गौड़ और पुराने जालना स्थित राम मंदिर के पूज्य रामदासी महाराज प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दोनों संतों ने अपने आशीर्वचन में हिंदू समाज की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज को एक साथ जोड़ने का अवसर है। उन्होंने सभी समाजों से जाति, पंथ और संगठन की सीमाओं से ऊपर उठकर आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

‘पहले हिंदू हैं, उसके बाद अपने समाज के सदस्य’ : अभय कुलकर्णी

बैठक में अभय कुलकर्णी ने कहा कि हर समाज की अपनी पहचान, परंपरा और संगठन होता है और सभी को अपनी पहचान पर गर्व होना चाहिए। लेकिन हिंदू समाज की एकता की बात आने पर सभी को अपनी सीमाओं से ऊपर उठकर एक साथ खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम सबसे पहले हिंदू हैं और उसके बाद अपने-अपने समाज का हिस्सा हैं। यह कथा किसी एक समाज या संस्था का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे जालना के हिंदू समाज की जिम्मेदारी है।

अभय कुलकर्णी ने जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था, पीने का पानी, प्रसाद वितरण, पार्किंग, साफ-सफाई, स्वयंसेवकों की व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, प्रचार-प्रसार, महिलाओं की सेवा, बुजुर्गों की मदद और युवाओं की जिम्मेदारी जैसे अलग-अलग कामों में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि आयोजन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को अच्छे संस्कार देना भी है। बच्चों, युवाओं, माता-पिता और बुजुर्गों समेत पूरे परिवार को कथा में शामिल होना चाहिए।

धर्म जागरूकता और सामाजिक एकता पर जोर

Ornate circular emblem featuring a smiling Hindu monk in orange robes with prayer beads, raising a blessing hand, surrounded by peacocks and decorative text in Hindi.

मुख्य यजमान विष्णुकुमार चेचानी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद पूज्य श्री गोविंददेव गिरीजी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जालना में होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल कथा सुनने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों और युवाओं में अच्छे संस्कार पैदा करना, हिंदू समाज को एकजुट करना, सामाजिक भाईचारा बढ़ाना और देश के प्रति जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि जालना में किसी चीज की कमी नहीं है; जरूरत केवल सभी समाजों के एक साथ आने, सहयोग करने और पूरे मन से आयोजन में हिस्सा लेने की है।

सात दिनों के यजमानों के नाम घोषित

बैठक में सात दिनों की कथा के अलग-अलग दिन के यजमानों के नामों की घोषणा भी की गई। इनमें घनश्यामदास गोयल, अरुण अग्रवाल, समीर अग्रवाल, सीए नितीन तोतला, कैलाश लोया, शिवरतन मुंदड़ा और राजेश सोनी शामिल हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के यजमान विजयजी बद्रीनारायण राठी, 56 भोग के यजमान अशोक झंवर और रुक्मिणी विवाह के यजमान रामनिवास मानधानी होंगे।

सेवा और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां तय

उमेश बजाज ने कथा के दौरान की जाने वाली विभिन्न व्यवस्थाओं और सेवाओं की जानकारी दी। आयोजन के लिए किसी से पैसे मांगने के बजाय अलग-अलग समाजों से यह पूछा जाएगा कि वे कौन-सी सेवा की जिम्मेदारी लेना चाहते हैं। इससे सभी समाजों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

Woman speaker in blue kurta at podium addressing a large audience in a hall.

कार्यक्रम का संचालन पवन जोशी ने किया। अंत में रामजी उपाध्याय ने संत-महंतों, समाज के प्रतिनिधियों, अतिथियों और कार्यकर्ताओं का आभार माना। बैठक में सहमति बनी कि जालना में होने वाली श्रीमद्भागवत कथा धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक जागरूकता का भी माध्यम बनेगी।

श्रीमद्भागवत कथा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

  • कथा की अवधि: 20 से 26 सितंबर
  • स्थान: आई साहेब लॉन, मंठा रोड, जालना
  • कथावाचक: पूज्य श्री गोविंददेव गिरीजी महाराज
  • तैयारी बैठक: 30 अगस्त, महेश भवन, जालना

जालना और आसपास की स्थानीय खबरों के लिए NewsNation Online से जुड़े रहें। श्रीमद्भागवत और भारतीय धार्मिक परंपरा की सामान्य जानकारी के लिए भागवत पुराण की जानकारी भी देखी जा सकती है।

Group of men in traditional attire posing inside a temple with a lit shrine featuring a deity statue in the background

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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