विप्र फाउंडेशन स्थापना दिवस: जालना में श्रद्धा-भक्ति के साथ महाआरती का भव्य आयोजन
जालना:
विप्र फाउंडेशन की जालना शाखा ने फाउंडेशन के स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य, सुव्यवस्थित और भक्तिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर जालना शहर की बडी सड़क स्थित श्रीराम मंदिर में भगवान परशुराम की महाआरती संपन्न हुई। कार्यक्रम में विप्र समाज के नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्रद्धा और आस्था के साथ सहभागिता निभाई।
विप्र फाउंडेशन की स्थापना को 16 वर्ष पूर्ण होने और संस्था के 17वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में यह विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम की प्रतिमा के विधिवत पूजन से हुई, जिसके पश्चात सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।
इस अवसर पर फाउंडेशन के अध्यक्ष जयप्रकाश श्रीमाली ने अपने संबोधन में विप्र फाउंडेशन के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विप्र फाउंडेशन केवल एक संस्था नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और सेवा भावना को सुदृढ़ करने वाला एक सामाजिक आंदोलन है। बीते 16 वर्षों में फाउंडेशन ने समाजसेवा, शिक्षा के प्रसार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा युवाओं के व्यक्तित्व विकास के लिए निरंतर और समर्पित प्रयास किए हैं।
अध्यक्ष श्रीमाली ने यह भी कहा कि भगवान परशुराम के शौर्य, न्याय और सत्य के आदर्श विप्र फाउंडेशन की गतिविधियों के लिए सदैव मार्गदर्शक रहे हैं। 17वें वर्ष में प्रवेश करते हुए संस्था ने समाज के लिए और अधिक व्यापक, संगठित तथा प्रभावी कार्य करने का संकल्प लिया है। उन्होंने युवाओं से संगठित होकर सामाजिक दायित्व निभाने, शिक्षा और संस्कारों को प्राथमिकता देने तथा विप्र फाउंडेशन की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विप्र फाउंडेशन जालना शाखा के सचिव पं. विजय व्यास सहित पवन जोशी, विनोद दायमा, रविंद्र दायमा, सुरेश पारीक, हितेश जोशी, चंद्रप्रकाश श्रीमाली, सुनील गौड़, अमित शर्मा (सिंगापुर), गौरव गौड, विनायक रावते, दीपक सारस्वत सहित अनेक गणमान्य विप्र बंधु उपस्थित रहे। महाआरती के पश्चात उपस्थितजनों ने एक-दूसरे को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता, परंपरा के सम्मान और सेवा भावना के संदेश के साथ हुआ, जिससे उपस्थित समाजबंधुओं में नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मक संकल्प का संचार हुआ।

- The Wild Lives Next Door: What a Sparrow Can Teach Us About Our CitiesWild animals are closer than we think. A reflection on sparrows, urban biodiversity and why noticing nature can change how we see our cities.
- आज के अल्फ़ाज़: सच की धीमी आवाज़ | 26 अक्टूबर की मौलिक शायरीअफ़वाह, सच और ज़िम्मेदारी से बोलने की सीख पर 26 अक्टूबर 2026 की मौलिक देवनागरी शायरी. पढ़ें आठ शेर, उनका भावार्थ और आज का विचार.
- आज का सुविचार: अभ्यास से जड़मति भी बनता है सुजान | 26 अक्टूबर 2026कवि वृंद का दोहा — “करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।” जानें इसका अर्थ, एक सच्चा-सा उदाहरण और आज क्या करें।
- एशियन पैरा गेम्स 2026: 114 पदकों के साथ भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनआइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य समेत 114 पदक जीते और तालिका में चौथा स्थान पाया। प्रधानमंत्री ने इसे पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
- मन की बात 139वां एपिसोड: ई-संजीवनी, जल संरक्षण और एकता दौड़ पर जोरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर को मन की बात के 139वें एपिसोड में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन, उत्तराखंड में नदी पुनर्जीवन, वोकल फॉर लोकल और 31 अक्टूबर की एकता दौड़ पर बात की।
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




















