जालना: घनसावंगी तहसील के मासेगांव इलाके में आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए काले हिरण की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। हिरण को बचाने के लिए किसानों और वन विभाग की टीम ने काफी प्रयास किए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
10 से 12 कुत्तों ने हिरण को घेरा
जानकारी के अनुसार, मासेगांव के एक खेत में गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को शाम करीब 5 बजे एक काला हिरण पहुंचा था। इसी दौरान 10 से 12 आवारा कुत्तों ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के हमले में हिरण के पिछले दोनों पैर और पीठ बुरी तरह जख्मी हो गए।
किसान ने कुत्तों से बचाया
खेत में काम कर रहे किसान उद्धवराव किसनराव माने की नजर इस घटना पर पड़ी। उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर कुत्तों को भगाया और हिरण को उनके चंगुल से बचाया। गंभीर रूप से घायल हिरण को उन्होंने अपने घर पहुंचाया और घनसावंगी वन विभाग को घटना की जानकारी दी।
वन विभाग ने शुरू कराया इलाज
सूचना मिलने के बाद वन क्षेत्र अधिकारी वी. एम. दौंड, वनरक्षक कृष्णा जाधव और चालक गोविंद डोंगरे वाहन के साथ देर रात मासेगांव पहुंचे। टीम घायल हिरण को घनसावंगी ले गई, जहां उसका तुरंत इलाज शुरू किया गया।
दूसरे दिन इलाज के दौरान मौत
कुत्तों के हमले में हिरण को गंभीर चोटें आई थीं। इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। शुक्रवार को उपचार के दूसरे दिन हिरण ने दम तोड़ दिया।
हिरण को बचाने के प्रयासों में किसान उद्धवराव माने, मनोहर आनंदे, सुभाष आनंदे, राजाभाऊ आनंदे और महादेव माने समेत अन्य लोगों ने सहयोग किया। हिरण की मौत से स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों में दुख है।
स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बढ़ रहे आवारा कुत्तों के कारण वन्यजीवों को होने वाले खतरे को लेकर चिंता जताई है और इस समस्या पर ध्यान देने की मांग की है।


