जालना: जालना जिले में पहली औद्योगिक शिखर परिषद ‘जालना – विकास का प्रवेशद्वार’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, निवेश, बैंकिंग, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स और व्यापार जगत से जुड़े 450 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। परिषद में जिले में बड़े निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
जालना में पहली औद्योगिक शिखर परिषद
जालना फर्स्ट सिटीजन फोरम और डेवलपमेंट ग्रुप की पहल तथा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस परिषद में जालना को निवेश के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति पर चर्चा हुई। MMLP और ड्राय पोर्ट को जिले के अगले औद्योगिक विकास की अहम कड़ी बताया गया।
लॉयड्स मेटल्स करेगी ₹8,000 करोड़ तक निवेश
परिषद में लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी की ओर से करीब ₹2,000 करोड़ का शुरुआती निवेश और लंबी अवधि में ₹6,000 करोड़ तक अतिरिक्त निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई। इससे जालना में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
टोयोटा, बजाज और सेंट-गोबेन समेत बड़े उद्योगों की मौजूदगी
कार्यक्रम में टोयोटा, एंड्यूरेंस टेक्नोलॉजीज, एलजीबी, बजाज, गरवारे, सेंट-गोबेन, लॉयड्स मेटल्स और महायको जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। JNPA, MIDC, भारतीय रेलवे, NHLML, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
जालना ड्राय पोर्ट को मिलेगा बड़ा महत्व
परिषद में जालना के MMLP ड्राय पोर्ट को निर्यात और आयात कारोबार के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में पेश किया गया। राष्ट्रीय बंदरगाह नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने पर स्थानीय उद्योगों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
MSME के लिए प्लग एंड प्ले मॉडल
MIDC की ओर से उद्योगों के लिए तैयार बुनियादी सुविधाओं वाले प्लग एंड प्ले मॉडल पर जोर दिया गया। छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए 20 प्रतिशत भूमि आरक्षण तथा प्रशासनिक सहायता के जरिए इकाइयों को तेजी से शुरू कराने की बात कही गई।
कृषि, रेशम, वाइन और पर्यटन में भी अवसर
जालना की अर्थव्यवस्था केवल स्टील और ऑटो पार्ट्स तक सीमित नहीं है। परिषद में रेशम उद्योग, कृषि प्रसंस्करण, वाइन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। जालना देश के प्रमुख बीज उत्पादक जिलों में शामिल है और यहां TMT बार उद्योग भी मजबूत है।
जिलाधिकारी ने निवेशकों को दिया भरोसा
जिलाधिकारी अशिमा मित्तल ने कहा कि जालना में निवेश के लिए प्रशासन निवेशकों की मदद करने वाले सहयोगी की भूमिका निभाएगा। उन्होंने ड्राय पोर्ट के संचालन, बेहतर होती कनेक्टिविटी और निवेश की शुरुआती प्रतिबद्धताओं को जिले के औद्योगिक भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें
जालना फर्स्ट ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं—ड्राय पोर्ट को शेंद्र-बिडकिन कॉरिडोर से जोड़ने वाली सड़क, जालना-छत्रपति संभाजीनगर शटल रेल सेवा, MIDC के नए चरण के लिए जमीन और CIDCO के माध्यम से योजनाबद्ध शहरी विकास।
जालना के औद्योगिक भविष्य के लिए अहम कदम
कार्यक्रम के बाद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने MMLP और जालना ड्राय पोर्ट का दौरा किया। औद्योगिक शिखर परिषद से जालना में निवेश, स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के विकास, MSME विस्तार और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद है।




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