जालना के न्यू एमआईडीसी फेज-3 स्थित अँप्रोकुल कंपनी में करीब 500 किलो कॉपर बॉबीन चोरी के मामले का पुलिस ने महज 8 घंटे में खुलासा किया है। चंदनझिरा पुलिस के अनुसार, इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और कुल ₹20 लाख 36 हजार कीमत का मुद्देमाल जब्त किया गया है।
अँप्रोकुल कंपनी से करीब 500 किलो कॉपर चोरी
31 अगस्त 2026 की रात न्यू एमआईडीसी फेज-3 स्थित अँप्रोकुल कंपनी से करीब 500 किलो कॉपर बॉबीन चोरी होने की शिकायत चंदनझिरा पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी। चोरी हुए कॉपर की शुरुआती कीमत करीब ₹7.50 लाख बताई गई थी।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कंपनी तथा आसपास के रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले। पुलिस ने समृद्धि महामार्ग की ओर जाने वाले मार्गों पर भी नजर रखी और गुप्त सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
CCTV फुटेज और गुप्त सूचना से मिला सुराग
जांच के दौरान कंपनी का सुरक्षा गार्ड सिद्धोधन लक्ष्मण म्हस्के (23), निवासी ब्रह्मवडगांव, तहसील पार्टूर, पुलिस के संदेह के घेरे में आया। पुलिस के अनुसार, वह चोरी की योजना बनाने वाला मुख्य सूत्रधार था।
पुलिस ने सुनील महादू पवार (22), महेश बाबासाहेब डभाडे (20) और सोनू विठ्ठल जाधव (21), तीनों निवासी मांडेउलगांव, तहसील बदनापुर, जिला जालना, को डागडवाड़ी–मांडेउलगांव क्षेत्र की घनी झाड़ियों में तलाश कर गिरफ्तार किया।
घनी झाड़ियों में पुलिस ने आरोपियों को दबोचा
पुलिस के अनुसार, घनी झाड़ियों में आरोपियों की तलाश के दौरान हेड कांस्टेबल प्रशांत देशमुख और कृष्णा टांगे ने आगे बढ़कर कार्रवाई की और आरोपियों को पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आई चोरी की आगे की कड़ी
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने कल्याण अशोक हिवाले (20), निवासी पीरपिंपलगांव, की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, चोरी का कॉपर अजमतखान समदखान पठान (39), निवासी चिखली दाभाडी, तहसील बदनापुर, को बेचा गया था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया।
251 किलो कॉपर बॉबीन समेत ₹20.36 लाख का मुद्देमाल जब्त
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में 251 किलो कॉपर बॉबीन बरामद किया गया, जिसकी कीमत ₹3,76,500 बताई गई है। इसके अलावा एक शाइन मोटरसाइकिल, महिंद्रा मैक्सिमो वाहन और एक छोटा हाथी वाहन भी जब्त किया गया। प्रेस नोट के अनुसार, जब्त मुद्देमाल की कुल कीमत ₹20 लाख 36 हजार है।
15 दिनों में कंपनी में तीन बार चोरी का खुलासा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पिछले 15 दिनों के दौरान इसी कंपनी में तीन बार चोरी की थी। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा गार्ड सिद्धोधन म्हस्के ने चोरी की योजना बनाई, अपनी मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई और रात के समय पुलिस वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए साथियों को लगाया।
दीवार फांदकर कॉपर बाहर निकालते थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी कंपनी के अंदर से कॉपर काटकर दीवार के बाहर फेंकते थे और फिर दीवार फांदकर बाहर निकलते थे। इसके बाद कॉपर को मैक्सिमो वाहन में लादा जाता था। निढोना क्षेत्र में किसी सुनसान स्थान पर चोरी का माल दूसरे वाहन में स्थानांतरित किया जाता और बाद में उसे बेच दिया जाता था।
सुनील पवार पहले से पुलिस रिकॉर्ड पर
पुलिस के अनुसार, सुनील पवार पहले से अपराध में शामिल रहा है और उसके खिलाफ पूर्व में लूट का मामला दर्ज है। मामले में आगे की जांच PSI रवि देशमाने कर रहे हैं।
कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक तेघबीरसिंग संधू, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. विक्रम साळी और SDPO अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में PI किरण बिडवे, PSI रवि देशमाने, हेड कांस्टेबल प्रशांत देशमुख, कृष्णा टांगे, गंभीर पाटील, पुलिस कांस्टेबल गणेश नाईकवाडे और स्थानीय अपराध शाखा के सागर बावस्कर की भूमिका रही।
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