न्याय की आस में वनमजदूरों की पुकार — संघर्ष अब रुकने वाला नहीं
जालना, 27 अक्टूबर 2025
सालों से जंगलों की सेवा और सुरक्षा में अपना पसीना बहाने वाले वनमजदूर आज न्याय और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। धूप, बारिश और ठंड में जंगलों की रखवाली करने वाले इन मेहनतकश मजदूरों की आवाज अब तेज़ होती जा रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर मराठवाड़ा सर्व श्रमिक संघटना ने सोमवार को सामाजिक वनीकरण विभाग, जालना के मुख्य लेखापाल को तीन महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे। इन ज्ञापनों में मजदूरों की सेवासातत्य, नुकसानभरपाई और समिति की एकतरफा संरचना जैसे अहम मुद्दों पर अपनी मांगें रखी गईं।
पहले ज्ञापन में संघटना ने जालना श्रम न्यायालय के 21 जुलाई 2025 के आदेश की याद दिलाई, जिसमें संबंधित वनमजदूरों को सेवासातत्य और मूल पद पर पुनर्नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद मजदूरों को अब तक न्याय नहीं मिला है। संघटना ने कहा कि “जिन हाथों ने जंगलों को सींचा, उन्हें भूखा नहीं रहना चाहिए। न्यायालय के आदेशों का पालन होना ही चाहिए।”
दूसरे ज्ञापन में संघटना ने वनमजदूर संजय गोफणे के पक्ष में दिए गए निर्णय का हवाला दिया, परन्तु बताया कि वे 13 दिसंबर 2024 को निधन हो गए। इसलिए संघटना ने उनकी पत्नी सौ. लक्ष्मी संजय गोफणे को वारसा हक के तहत सभी लाभ तथा अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर सेवा में शामिल करने की मांग की। संघटना ने इसे केवल कानूनी नहीं बल्कि मानवीय न्याय का मामला बताया।
तीसरे ज्ञापन में संघटना ने 30 सितंबर 2025 को गठित की गई नई समिति के गठन पर आपत्ति जताई; यह कहा गया कि उस समिति में मराठवाड़ा सर्व श्रमिक संघटना को शामिल नहीं किया गया, जबकि वही संगठन वर्षों से मजदूरों के अधिकारों के लिए लड़ता आ रहा है और उच्च न्यायालय, औरंगाबाद खंडपीठ में W.P/5118/1995 जैसे मुकदमों के जरिए भी संघर्ष कर चुका है। इसलिए समिति में संघटना की भागीदारी आवश्यक है ताकि मजदूरों की आवाज़ प्रभावी ढंग से सामने आ सके।
इस अवसर पर संघटना की ओर से कॉम्रेड बोदवडे (संयुक्त सचिव) के नेतृत्व में कॉम्रेड शंकर लोखंडे (तालुका अध्यक्ष), कॉम्रेड गणेश जाधव (तालुका उपाध्यक्ष) और प्रतिनिधि सुंदराबाई साठे, शेषराव भालेराव, सोनाजी घारे, सुंदर बोराडे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। मुख्य लेखापाल ने ज्ञापनों की प्राप्ति दर्ज की और आश्वासन दिया कि इन्हें विभागीय वनाधिकारी के पास आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में संघटना ने दृढ़ संकल्प के साथ कहा: “हम सिर्फ वेतन नहीं, सम्मान मांग रहे हैं। जंगलों की हर हरियाली में हमारा पसीना है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”

- CBSE OSM सिस्टम पर बड़ा विवाद ड्राई रन में छिपी खामियां उजागरCBSE की ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर चल रहा विवाद अब और गहराता जा रहा है। 12वीं के परिणामों के बाद छात्रों और अभिभावकों के साथ अब शिक्षक और मूल्यांकनकर्ता भी सवाल उठा रहे हैं। सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि क्या इस डिजिटल सिस्टम को लागू करने से पहले मिले शुरुआती चेतावनियों और… Read more: CBSE OSM सिस्टम पर बड़ा विवाद ड्राई रन में छिपी खामियां उजागर
- Kidney Disease: किडनी फेलियर के शुरुआती संकेत जिन्हें नजरअंदाज करना बन सकता है जानलेवाKidney Disease: किडनी हमारे शरीर का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग है जो दिन रात खून को साफ करने का काम करती है। यह शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालती है और पानी तथा मिनरल्स का संतुलन बनाए रखती है। इसके साथ यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मदद करती है और हड्डियों को मजबूत… Read more: Kidney Disease: किडनी फेलियर के शुरुआती संकेत जिन्हें नजरअंदाज करना बन सकता है जानलेवा
- इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, हैकिंग से यूजर्स में दहशतइंस्टाग्राम यूज करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक गंभीर चेतावनी सामने आई है। हाल ही में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने दावा किया है कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद एक खामी के कारण हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स को निशाना बनाया जा रहा है। इस मामले ने सोशल मीडिया सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। मेटा… Read more: इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, हैकिंग से यूजर्स में दहशत
- फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन, बॉलीवुड में शोक की लहरबॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता और पूर्व CBFC अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है। कई कलाकारों और फिल्म निर्माताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उनके योगदान को याद करते हुए लोग भावुक नजर आ… Read more: फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर
- भारत-वेनेजुएला ऊर्जा साझेदारी से बदल सकता है वैश्विक तेल समीकरणभारत की ऊर्जा जरूरतों और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर लंबे समय से जो निर्भरता खाड़ी देशों और रूस पर बनी हुई है, उसमें आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसकी प्रमुख वजह लैटिन अमेरिकी देश Venezuela का बढ़ता महत्व है, जो दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले… Read more: भारत-वेनेजुएला ऊर्जा साझेदारी से बदल सकता है वैश्विक तेल समीकरण
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.













































































































Leave a Reply