शेयर बाजार की उठापटक के बीच सही म्यूचुअल फंड चुनना हर निवेशक के लिए चुनौती बन जाता है। यदि आप भी जुलाई से SIP शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ चुनिंदा फंड आपकी लंबी अवधि की वित्तीय यात्रा को मजबूत आधार दे सकते हैं। आइए जानते हैं विशेषज्ञों की राय और निवेश का पूरा गणित।
जुलाई में क्यों बढ़ी म्यूचुअल फंड की चर्चा?
हर महीने की तरह जुलाई भी नए निवेशकों के लिए एक नई शुरुआत का अवसर लेकर आया है। बढ़ती महंगाई, भविष्य की वित्तीय जरूरतें और बेहतर रिटर्न की उम्मीद लोगों को पारंपरिक बचत योजनाओं से आगे बढ़ाकर म्यूचुअल फंड की ओर आकर्षित कर रही हैं। हालांकि बाजार में सैकड़ों योजनाएं मौजूद हैं, लेकिन सही फंड का चुनाव ही सफलता की पहली सीढ़ी माना जाता है।
विशेषज्ञ ने बताए निवेश के लिए 5 मजबूत विकल्प
म्यूचुअल फंड एक्सपर्ट अनिरुद्ध गुप्ता के अनुसार मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भारतीय बाजार के रुझानों को देखते हुए कुछ फंड निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प बन सकते हैं। इनमें कोटक मिडकैप फंड, निप्पॉन इंडिया मिडकैप ग्रोथ फंड, एसबीआई लार्ज एंड मिडकैप फंड, आदित्य बिरला सन लाइफ निफ्टी डिफेंस इंडेक्स फंड और कोटक इक्विटी सेविंग्स फंड शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई योजनाओं में ₹100 या ₹500 से भी SIP शुरू की जा सकती है।
मिडकैप फंड क्यों बन रहे हैं निवेशकों की पहली पसंद?
बीते कुछ वर्षों में मिडकैप कंपनियों ने कई निवेशकों को आकर्षक रिटर्न दिए हैं। यही वजह है कि विशेषज्ञ फिलहाल इस श्रेणी को लंबी अवधि के निवेश के लिए सकारात्मक मान रहे हैं। हालांकि मिडकैप फंड में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत अधिक होता है, लेकिन लंबी अवधि में इनकी विकास क्षमता भी बेहतर मानी जाती है। निवेश से पहले अपने जोखिम लेने की क्षमता का आकलन करना जरूरी है।
SIP का गणित कैसे बना सकता है बड़ा फंड?
यदि कोई निवेशक हर महीने ₹25,000 की SIP करता है और उसे लगभग 21.46% वार्षिक रिटर्न मिलता है, तो पांच वर्षों में कुल ₹15 लाख के निवेश पर अनुमानित फंड वैल्यू करीब ₹25.56 लाख तक पहुंच सकती है। यानी संभावित लाभ लगभग ₹10.56 लाख हो सकता है। हालांकि यह केवल एक उदाहरण है और वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश केवल पिछले रिटर्न देखकर नहीं करना चाहिए। फंड का उद्देश्य, जोखिम स्तर, फंड मैनेजर का रिकॉर्ड, एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM), एक्सपेंस रेशियो और अपनी वित्तीय जरूरतों का मूल्यांकन करना बेहद जरूरी है। यदि आवश्यक हो तो किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
म्यूचुअल फंड लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का प्रभावी माध्यम हो सकते हैं, लेकिन इनमें बाजार जोखिम भी शामिल रहता है। जुलाई में निवेश शुरू करने का विचार अच्छा हो सकता है, बशर्ते आपका चयन सोच-समझकर और अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप हो। नियमित SIP, धैर्य और अनुशासित निवेश की आदत समय के साथ मजबूत वित्तीय भविष्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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