नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की अगुवाई वाला रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) भारत के बड़े मास-कंज्यूमर बाजार में अपनी मौजूदगी तेजी से बढ़ा रहा है। Campa ब्रांड के बाद कंपनी अब कम कीमत वाले रोजमर्रा के उत्पादों के जरिए नए सेगमेंट में विस्तार कर रही है।
आइसक्रीम बाजार में Bombay Creamery के जरिए एंट्री और ₹10 से शुरू होने वाले उत्पादों ने इस रणनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। कम कीमत, व्यापक वितरण और रिलायंस के रिटेल नेटवर्क को इस विस्तार की अहम ताकत माना जा रहा है।
₹10 वाली आइसक्रीम से नया दांव
Bombay Creamery के तहत कप, कोन, बार, स्टिक और टब जैसे आइसक्रीम विकल्प बाजार में उतारने की रणनीति सामने आई है। शुरुआत पश्चिमी भारत से की जा रही है और आगे अन्य बाजारों में विस्तार की संभावना है।
आइसक्रीम बाजार में रिलायंस का मुकाबला अमूल, वाडीलाल, मदर डेयरी, क्वालिटी वॉल्स और अन्य स्थापित कंपनियों से होगा। ऐसे में कम कीमत के साथ उत्पाद की गुणवत्ता और उपलब्धता भी निर्णायक होगी।
₹10 का प्राइस पॉइंट क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत के मास-कंज्यूमर बाजार में ₹10 का मूल्य स्तर लंबे समय से लोकप्रिय है। छोटे पैक और कम कीमत वाले उत्पाद उन ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद करते हैं जो रोजमर्रा की खरीदारी में किफायती विकल्प तलाशते हैं।
रिलायंस की ताकत केवल कीमत में नहीं, बल्कि उसके विशाल रिटेल और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में भी है। इसी नेटवर्क के जरिए नए ब्रांड को बड़ी संख्या में दुकानों और उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है।
Campa Cola से मिली रणनीतिक बढ़त
सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में Campa की वापसी के बाद रिलायंस ने कम कीमत और व्यापक वितरण के मॉडल को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाया। अब इसी अनुभव को दूसरे FMCG सेगमेंट में इस्तेमाल करने की कोशिश दिखाई दे रही है।
कंपनी के अनुसार, Campa ने वित्त वर्ष 2026 में ₹4,700 करोड़ से अधिक की नेट सेल दर्ज की और प्रमुख बाजारों में मजबूत हिस्सेदारी हासिल की। यह प्रदर्शन रिलायंस के लिए अपने कंज्यूमर कारोबार को और विस्तार देने का आधार बन सकता है।
पानी और दूसरे FMCG उत्पादों पर भी फोकस
रिलायंस का कंज्यूमर कारोबार सिर्फ सॉफ्ट ड्रिंक और आइसक्रीम तक सीमित नहीं है। कंपनी पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर, खाद्य तेल, दाल, अनाज, पैकेज्ड फूड और घरेलू जरूरतों से जुड़े उत्पादों में भी विस्तार कर रही है।
Independence और Campa Sure जैसे ब्रांडों के जरिए कंपनी रोजमर्रा की खपत वाले बाजारों में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
अमूल और दूसरे ब्रांड्स के सामने बढ़ेगी चुनौती
आइसक्रीम बाजार में रिलायंस के सामने पहले से मजबूत प्रतिस्पर्धी हैं। इसलिए सिर्फ ₹10 की कीमत से बाजार जीतना आसान नहीं होगा। स्वाद, गुणवत्ता, कोल्ड-चेन, फ्रीजर उपलब्धता और लगातार सप्लाई भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अगर रिलायंस कम कीमत के साथ अपने रिटेल नेटवर्क और वितरण क्षमता को प्रभावी ढंग से जोड़ पाती है, तो मौजूदा कंपनियों पर प्रतिस्पर्धात्मक दबाव बढ़ सकता है।
सिर्फ ₹10 की बिक्री नहीं, बड़ा कंज्यूमर इकोसिस्टम
रिलायंस की रणनीति को सिर्फ ‘₹10 में सामान बेचने’ तक सीमित करके देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता। असली लक्ष्य रोजमर्रा की कई कैटेगरी में उपभोक्ता तक पहुंच बनाना और रिटेल व डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना है।
टेलीकॉम में Jio के जरिए बड़े पैमाने पर ग्राहक आधार बनाने के बाद रिलायंस अब FMCG में भी व्यापक उपभोक्ता पहुंच विकसित करने की कोशिश कर रही है। Bombay Creamery इसी रणनीति का नया हिस्सा है।
निष्कर्ष
मुकेश अंबानी की ₹10 वाली रणनीति का फोकस सिर्फ कम कीमत पर उत्पाद बेचने से कहीं बड़ा दिखाई देता है। Campa Cola से लेकर पैकेज्ड वॉटर और अब Bombay Creamery तक रिलायंस ऐसे FMCG सेगमेंट में विस्तार कर रही है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय उपभोक्ता रोज खरीदारी करते हैं।
अब सवाल यह है कि क्या ₹10 की आइसक्रीम रिलायंस को भारतीय आइसक्रीम बाजार में वही हलचल पैदा करने में मदद करेगी, जो Campa ने सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में पैदा की थी?
यह रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और कंपनी से संबंधित सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। कीमत और उपलब्धता क्षेत्र के अनुसार बदल सकती है।

Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.







































































































Leave a Reply