रेस्तरां के बिल में Service Charge दिखे तो हो जाएं सावधान! CCPA ने Chaayos पर लगाया ₹50,000 का जुर्माना, जानिए आपके अधिकार
ग्राहकों को बड़ी राहत: अब बिना अनुमति बिल में सर्विस चार्ज जोड़ना गैरकानूनी, CCPA का सख्त संदेश—होटल और रेस्तरां बदलें अपनी बिलिंग प्रणाली
नई दिल्ली | News Nation Online
यदि आप किसी होटल, रेस्तरां या कैफे में भोजन करने जाते हैं, तो अब बिल का भुगतान करने से पहले उसे ध्यान से जांचना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। कई प्रतिष्ठान ग्राहकों की जानकारी या स्पष्ट सहमति के बिना बिल में Service Charge (सर्विस चार्ज) जोड़ देते हैं। इस प्रथा पर रोक लगाते हुए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देश की प्रसिद्ध चाय कैफे श्रृंखला Chaayos (Sunshine Teahouse Private Limited) पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया है और शिकायतकर्ता ग्राहक से वसूला गया सर्विस चार्ज वापस करने का आदेश दिया है। यह फैसला देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है। Restaurant Service Charge Rules India.
इस फैसले ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि सर्विस चार्ज देना पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर है। कोई भी होटल, रेस्तरां या कैफे इसे अनिवार्य रूप से बिल में शामिल नहीं कर सकता। यदि ऐसा किया जाता है तो यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और CCPA की 2022 की गाइडलाइंस का उल्लंघन माना जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत ग्रेटर नोएडा निवासी शशांक सूद की एक शिकायत से हुई। उन्होंने Chaayos के एक आउटलेट पर चाय और खाद्य पदार्थों का ऑर्डर दिया। भुगतान के समय मिले बिल में GST के अतिरिक्त ₹15.33 का सर्विस चार्ज भी जोड़ा गया था।
ग्राहक ने रेस्तरां प्रबंधन से इस अतिरिक्त शुल्क को हटाने का अनुरोध किया, लेकिन कर्मचारियों ने इसे कंपनी की नीति बताते हुए हटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने 30 मार्च 2025 को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद CCPA ने पूरे मामले की जांच शुरू की।
जांच में क्या सामने आया?
CCPA की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए—
- Chaayos के बिलिंग सॉफ्टवेयर में सर्विस चार्ज स्वतः जोड़ने की व्यवस्था थी।
- ग्राहक से पहले अनुमति नहीं ली जाती थी।
- बिल में इसे “Optional” या “वैकल्पिक” बताया जाता था, लेकिन व्यवहार में यह हर बिल में स्वतः जुड़ जाता था।
- यह व्यवस्था 30 अप्रैल 2025 तक जारी रही।
- कंपनी ने बाद में सॉफ्टवेयर में बदलाव कर 1 मई 2025 से यह व्यवस्था समाप्त करने का दावा किया।
CCPA ने माना कि यदि कोई शुल्क वास्तव में वैकल्पिक है तो उसे ग्राहक की स्पष्ट सहमति के बिना बिल में जोड़ना उपभोक्ता को भ्रमित करना और अनुचित व्यापारिक व्यवहार है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
CCPA ने अपने आदेश में दिल्ली उच्च न्यायालय के 28 मार्च 2025 के फैसले का भी उल्लेख किया।
अदालत ने स्पष्ट कहा था कि—
- होटल या रेस्तरां बिल में स्वतः सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते।
- सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक (Voluntary) होना चाहिए।
- ग्राहक चाहे तो अच्छी सेवा मिलने पर अपनी इच्छा से Tip (टिप) दे सकता है।
- किसी भी ग्राहक को सर्विस चार्ज देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
CCPA ने Chaayos को क्या निर्देश दिए?
प्राधिकरण ने Chaayos को निम्नलिखित निर्देश दिए—
- शिकायतकर्ता से वसूला गया सर्विस चार्ज वापस किया जाए।
- बिलिंग सॉफ्टवेयर से स्वतः सर्विस चार्ज जोड़ने की व्यवस्था हटाई जाए।
- उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन पर ₹50,000 का जुर्माना जमा किया जाए।
- निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
कंपनी ने क्या सफाई दी?
सुनवाई के दौरान Chaayos की ओर से कहा गया कि—
- कंपनी ने कभी भी सर्विस चार्ज को अनिवार्य नहीं बनाया।
- यदि कोई ग्राहक आपत्ति करता था तो शुल्क हटा दिया जाता था।
- देशभर में 180 से अधिक आउटलेट होने के कारण बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव करने में समय लगा।
- 1 मई 2025 से सभी आउटलेट्स पर स्वतः सर्विस चार्ज जोड़ना पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
हालांकि CCPA ने इस दलील को पर्याप्त नहीं माना और कहा कि अदालत के आदेश के बाद भी स्वतः सर्विस चार्ज वसूला जाना कानून का उल्लंघन है।
उपभोक्ताओं के अधिकार क्या हैं?
यदि किसी होटल, रेस्तरां या कैफे के बिल में आपकी अनुमति के बिना सर्विस चार्ज जोड़ा जाता है, तो आपको निम्न अधिकार प्राप्त हैं—
- सर्विस चार्ज हटाने की मांग कर सकते हैं।
- होटल या रेस्तरां आपको भुगतान के लिए मजबूर नहीं कर सकता।
- केवल जीएसटी और मेन्यू में प्रदर्शित मूल्य ही अनिवार्य हैं।
- यदि शिकायत नहीं सुनी जाती तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन या उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
अधिवक्ता महेश एस. धन्नावत ने क्या कहा?
उपभोक्ता मामलों के जानकार अधिवक्ता महेश एस. धन्नावत ने कहा कि CCPA का यह आदेश देशभर के उपभोक्ताओं के अधिकारों की बड़ी जीत है।
उन्होंने कहा कि कई होटल और रेस्तरां बिलिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वतः सर्विस चार्ज जोड़ देते हैं और अधिकांश ग्राहक जानकारी के अभाव या संकोच के कारण उसका भुगतान कर देते हैं।
उनके अनुसार, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत किसी भी सेवा का शुल्क ग्राहक पर जबरन नहीं थोपा जा सकता। अब सभी होटल और रेस्तरां को अपनी बिलिंग प्रणाली कानून के अनुरूप बनानी होगी।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे हर बार बिल का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करें। यदि बिना अनुमति सर्विस चार्ज वसूला जाता है तो इसकी शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर तत्काल दर्ज कराएं।
ग्राहकों के लिए उपयोगी सुझाव
✔ बिल का भुगतान करने से पहले प्रत्येक मद को ध्यान से देखें।
✔ यदि “Service Charge” लिखा हो तो पूछें कि यह किस आधार पर लगाया गया है।
✔ यदि आप सहमत नहीं हैं तो इसे हटाने का अधिकार आपका है।
✔ बिल और भुगतान की रसीद सुरक्षित रखें।
✔ शिकायत की स्थिति में 1915 हेल्पलाइन या ऑनलाइन उपभोक्ता शिकायत पोर्टल का उपयोग करें।
- राष्ट्रीय समाचार: https://www.newsnationonline.com/category/national/
- कानूनी समाचार: https://www.newsnationonline.com/category/legal/
- उपभोक्ता अधिकार से जुड़ी खबरें: https://www.newsnationonline.com/category/business/
- होमपेज: https://www.newsnationonline.com/
- राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन: https://consumerhelpline.gov.in
- उपभोक्ता मामलों का विभाग (भारत सरकार): https://consumeraffairs.gov.in
- CCPA से संबंधित जानकारी: https://jagograhakjago.gov.in
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