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“शादियों में फोटोशूट के नाम पर जालना में पहुंच रही तलवार, बढ़ते अपराधों का कारण”

“Swords reaching Jalna in the name of photoshoots at weddings, reason for increasing crimes”

जालना: शादियों में दूल्हे के हाथों में तलवारों के साथ फोटो खिंचवाने का एक नया चलन बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही यह घटनाएं जालना में बढ़ते अपराधों का कारण भी बन रही हैं. पंजाब के अमृतसर से ऑनलाइन ऑर्डर पर तलवारें भेजी जा रही हैं, जिन्हें जालना में धार लगाकर आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता है.

जालना पुलिस ने पिछले 10 महीनों में 47 लोगों पर कार्रवाई की और 33 तलवार जब्त की हैं. यह तलवारें अमृतसर के दुकानदारों से ऑनलाइन ऑर्डर करके डाक पार्सल के माध्यम से जालना भेजी जाती हैं. हैरानी की बात यह है कि अमृतसर के पोस्ट ऑफिस इन हथियारों को स्वीकार करता है और उन्हें बिना किसी रुकावट के जालना तक भेजता है.

अपराध में बढ़ोतरी:जालना में इन तलवारों के बढ़ते इस्तेमाल से अपराध की घटनाएं भी बढ़ गई है. खासकर तलवारों और देसी पिस्तौलों से दिनदहाड़े फायरिंग की घटनाएं आम हो गई है. इसके अलावा, अब जन्मदिनों और अन्य उत्सवों पर भी तलवारों से केक काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो झगड़ों और हिंसा को जन्म देती हैं.

पार्सल की पहचान और पुलिस कार्रवाई:
पुलिस ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और अब डाक पार्सल में तलवार या पिस्तौल जैसी वस्तुओं की पहचान के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है. ऐसे पार्सल लंबी और संदिग्ध आकृति के होते हैं. अगर पार्सल मंगवाने वाले का नाम पुलिस रिकॉर्ड में संदिग्ध होता है, तो पुलिस उसे हिरासत में लेकर पार्सल की जांच करती है. 
तलवारों को पंजाब से 1100 रुपये में खरीदा जाता है, जिन्हें जालना में धार लगाकर 2000 रुपये में बेचा जाता है. 

कानूनी प्रावधान और सजा:
डाक पार्सल के जरिए हथियार मंगवाने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है. ऐसे अपराधियों को 10 साल या उससे अधिक की सजा हो सकती है, और अधिकतम उम्रकैद की सजा भी हो सकती है. जिला सरकारी वकील बाबासाहेब इंगले ने बताया कि परिस्थितियों के अनुसार सजा में बढ़ोतरी भी की जा सकती है.

पुलिस का जवाब:इस मामले पर अप्पर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी ने कहा, “तलवारों के साथ फोटो खिंचवाने का चलन लोगों को आकर्षित कर रहा है, लेकिन इस चलन के कारण अपराध बढ़ रहे हैं. तलवार और पिस्तौल रखने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है.” 

उन्होंने यह भी बताया कि डाक से आने वाली तलवारों को रोकने के लिए पोस्ट ऑफिस में स्कैनर लगाने के लिए पत्र लिखा गया है और मुखबिरों के जरिए कार्रवाई की जा रही है.आयुष नोपाणी ने कहा कि अधिकतर तलवार और हथियार दूसरे राज्यों से आ रहे हैं. पुलिस जांच अधिकारियों को उनके मूल स्रोत तक पहुंचने का निर्देश दिया गया है, और अब तक तलवारों की सप्लाई करने वाले दुकानदारों का पता चल चुका है. पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है.
जालना पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और तलवारों तथा हथियारों के अवैध व्यापार को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे.


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Imran Siddiqui

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