कॉर्पोरेट गुलामी के खिलाफ मजदूरों का मोर्चा
मजदूरों का मोर्चा: चार श्रम संहिताएं वापस लेने की मांग को लेकर जालना में सड़कों पर उतरे श्रमिक
जालना: मजदूरों का मोर्चा :
“कॉर्पोरेट घरानों की गुलामी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी”—इस बुलंद नारे के साथ मराठवाड़ा सर्व श्रमिक संगठन ने गुरुवार को जालना जिला अधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला। यह आंदोलन ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस द्वारा देशभर में आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में आयोजित किया गया। मोर्चे में वन विभाग, ग्राम पंचायत, नगर पालिका, निजी संस्थानों सहित विभिन्न विभागों के मजदूर बड़ी संख्या में शामिल हुए।
“मजदूर ही देश की असली ताकत”
मोर्चे को संबोधित करते हुए संगठन के सहसचिव कॉमरेड सोहम प्रकाश बोदवडे ने कहा कि अंग्रेजों के दौर से लेकर आज तक श्रमिकों ने संघर्ष, लाठियां, गोलियां और शहादत देकर अपने अधिकार हासिल किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियां कॉरपोरेट घरानों के हित में बन रही हैं, जिससे मजदूरों को फिर से गुलामी की ओर धकेला जा रहा है।
उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते चारों श्रम संहिताएं वापस नहीं लीं, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक व तीव्र रूप लेगा।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
मोर्चे के समापन पर जालना जिला अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मजदूरों, शेतमजूरों और आम नागरिकों से जुड़ी 23 प्रमुख मांगें रखी गईं।
प्रमुख मांगें
- कामगार विरोधी चारों श्रम संहिताएं तत्काल रद्द कर पुराने श्रम कानून बहाल किए जाएं।
- मनरेगा जैसी योजनाओं में 200 दिनों के रोजगार की गारंटी और ₹700–800 प्रतिदिन मजदूरी तय की जाए।
- सामाजिक वनीकरण एवं वन मजदूरों को शासन निर्णयों के अनुसार स्थायी किया जाए; सेवानिवृत्त मजदूरों को ग्रेच्युटी और पेंशन दी जाए।
- ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद, नगर पालिका और महानगरपालिका कर्मियों को न्यूनतम वेतन व पेंशन सुविधा मिले।
- शिक्षा, बिजली और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
- महंगाई पर नियंत्रण, राशन व्यवस्था का सार्वत्रिकीकरण और आवश्यक वस्तुएं सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाएं।
- सभी कामगारों को ₹26,000 न्यूनतम वेतन दिया जाए और पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाए।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता रहे मौजूद
आंदोलन के दौरान मराठवाड़ा सर्व श्रमिक संगठन के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें—
कॉमरेड शंकर लोखंडे (तालुकाध्यक्ष, जाफराबाद),
कॉमरेड गुलाबराव जाधव (सचिव, घनसावंगी),
कॉमरेड ज्ञानदेव घोडे (तालुकाध्यक्ष, मंठा),
कॉमरेड गौतम घायतडक (तालुका युवा अध्यक्ष, घनसावंगी),
कॉमरेड बेबी चव्हाण (महिला आघाड़ी),
कॉमरेड शोभा लिहिणार, कॉमरेड उमा सराटे, कॉमरेड सुंदरा साठे, कॉमरेड छबु सराटे,
कॉमरेड शेषराव भालेराव, कॉमरेड दिलीप पांडव, कॉमरेड वामन आठवले,
कॉमरेड बन्सी जाधव, कॉमरेड भीमराव राठोड, कॉमरेड प्रल्हाद जाधव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।
आगे और तेज होगा आंदोलन
वक्ताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों की अनदेखी जारी रही, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो राज्यव्यापी स्तर पर आंदोलन का विस्तार किया जाएगा।


Also read this.:
कॉमरेड प्रकाश बोदवडे को अंतिम लाल सलाम — मराठवाड़ा से उमड़ा क्रांतिकारी सैलाब↗
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.





































































































Leave a Reply