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“एक लाख के बदले तीन करोड़ का झांसा — जालना में जादू-टोने की आड़ में करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश!”

एक लाख के बदले तीन करोड़ का झांसा — जालना में जादू-टोने की आड़ में करोड़ों की ठगी

एक लाख के बदले तीन करोड़ का झांसा — जालना में जादू-टोने की आड़ में करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश!

जालना: जालना में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां लोगों को जादू-टोने के नाम पर करोड़पति बनाने का सपना दिखाकर ठगा गया। “एक लाख दो और तीन करोड़ पाओ” — इसी लालच में लोग अपने खून-पसीने की कमाई लेकर पहुंचे और फंस गए तंत्र-मंत्र के जाल में। लेकिन जाल बिछाने वाला खुद पुलिस के शिकंजे में फंस गया! पुलिस ने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि उसके अड्डे से ऐसी अघोरी सामग्री बरामद की है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए।

धोखाधड़ी का चौंकाने वाला खुलासा

जालना जिले के तालुका पुलिस थाना क्षेत्र में जादूटोने के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब पेरेजपुर (ता. साक्री, जि. धुळे) निवासी 48 वर्षीय किसान किशोर पंडित शेवाले ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि आरोपी रतन आसाराम लांडगे (भक्तेश्वर नगर, जालना) ने एक लाख रुपये को एक करोड़ में बदलने का झांसा दिया। इसी धोखे में आकर उन्होंने तीन लाख रुपये और उनके भतीजे ने ढाई लाख रुपये दिए। आरोपी ने अपने घर में जादूटोने का प्रदर्शन कर विश्वास दिलाया और कुल ₹5,50,000 की ठगी कर ली।

आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज

शिकायत के आधार पर तालुका पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भा.दं.सं. की धारा 318(4), 319(2), 352, 351(2) और महाराष्ट्र नरबली एवं अघोरी प्रथा प्रतिबंध अधिनियम 2013 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया। दो शासकीय पंचों की उपस्थिति में जब आरोपी के घर की तलाशी ली गई, तो तीन अन्य व्यक्ति भी वहां मौजूद पाए गए:

  • पदमनाभ जयप्रकाश राणे (41 वर्ष, निर्माता, मुलुंड पश्चिम, मुंबई)
  • विकास वसंत अनभवने (41 वर्ष, बेरोजगार, भांडुप पश्चिम, मुंबई)
  • नारायण गजानन जोशी (52 वर्ष, चाय विक्रेता, विरार पश्चिम, मुंबई)
ये लोग भी एक लाख रुपये लेकर आए थे और रतन लांडगे ने उन्हें भी तीन करोड़ देने का झांसा दिया था।

जादू-टोने की सामग्री देखकर पुलिस भी चौंकी

आरोपी के घर से तलाशी के दौरान बरामद हुई सामग्रियां किसी डरावनी फिल्म का हिस्सा लग रही थीं। इनमें शामिल हैं:

  • लोहे का मोटा पिंजरा, लकड़ी का विना, पीतल की समयी
  • काले रंग का भालू मास्क, बाघ वाला चमड़े का मैट
  • मानव खोपड़ी जैसी प्लास्टिक की छड़ी, नकली हड्डियां
  • चार नारियल, हल्दी-कुमकुम की पुड़ियां
  • काले कपड़े की गुड़िया, स्टील का कोयता (घोड़े का चिन्ह)
  • “महाकाल” लिखा भगवा कुर्ता और रूमाल
  • 108 तुलसी माला
  • ₹8000 के नोट जैसे कागज के बंडल (16 बंडलों में असली ₹500 की नोट चिपकी हुई)

आरोपी गिरफ्तार, नकद राशि जब्त

पूछताछ में रतन लांडगे ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। 17 जून 2025 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से ₹1,49,000 नकद जब्त किए गए।

साहसिक कार्रवाई और टीम का नेतृत्व

इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बन्नसाल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी, और उपविभागीय अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में हुआ। निरीक्षक संतोष सबाले, सहायक निरीक्षक अतुल पाटील और टीम के पुलिसकर्मियों गाडेकर, शेंडीवाले, माली, काले, जाधव आदि ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।

यह मामला न केवल अंधविश्वास और अघोरी प्रथाओं की भयावहता को उजागर करता है, बल्कि समय रहते पुलिस की सजगता का भी प्रमाण है जिसने इस बड़ी ठगी को नाकाम किया।

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