NewsNation Online

FireFly In News

‘मूल्य संवर्धन’ पहल: श्याम सारस्वत ने स्कूलों में नैतिक शिक्षा और सेवा भाव पर दिया जोर

‘मूल्य संवर्धन’ की पहल: श्याम सारस्वत ने स्कूलों को बताया नैतिक शिक्षा का केंद्र, ‘देने के सुख’ का दिया संदेश

जालना | प्रतिनिधि

तेजी से बदलते भौतिकवादी दौर में जहां सफलता का पैमाना अक्सर धन अर्जन और उपभोग तक सीमित होता जा रहा है, वहीं मानवीय मूल्यों में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए विचारक श्याम सारस्वत ने समाज के सामने एक प्रेरक और व्यवहारिक मॉडल प्रस्तुत किया है। उनका मानना है कि यदि त्याग, कर्तव्य और निस्वार्थ सेवा जैसे मूल्यों को जीवित रखना है, तो इसकी शुरुआत विद्यालयों से करनी होगी।


बदलती सामाजिक मानसिकता पर चिंता

श्याम सारस्वत के अनुसार आज का समाज ‘स्व’ को ‘सर्व’ से ऊपर रखने लगा है। किसी भी तरह से अधिक धन अर्जित करना और व्यक्तिगत सुविधाओं पर खर्च करना ही सफलता का प्रतीक माना जा रहा है।

इस प्रवृत्ति का प्रभाव बच्चों और युवाओं पर साफ दिखाई देता है। प्रतिस्पर्धा और दिखावे की संस्कृति के बीच संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना कमजोर होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि बचपन में ही नैतिक शिक्षा और सामाजिक कर्तव्य का भाव विकसित नहीं किया गया, तो भविष्य का समाज तकनीकी रूप से मजबूत जरूर होगा, लेकिन मानवीय दृष्टि से कमजोर साबित हो सकता है।


‘पाने से अधिक देने का सुख’ – सारस्वत मॉडल

श्याम सारस्वत का सुझाव है कि कक्षा आठवीं और उससे ऊपर के विद्यार्थियों में समझ और परिपक्वता विकसित होने लगती है। इस आयु में केवल भाषण या उपदेश पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यवहारिक अनुभव के माध्यम से मूल्य शिक्षा दी जानी चाहिए।

उन्होंने एक ‘कक्षा सहायता कोष’ (Class Support Fund) का विचार रखा, जिसके माध्यम से छात्र स्वयं त्याग और सेवा का अभ्यास कर सकें।

प्रमुख सुझाव (Key Points):

  • स्वैच्छिक बचत अभियान:
    छात्र अपनी अनावश्यक इच्छाओं जैसे जंक फूड, फिजूल खर्च या महंगी वस्तुओं की मांग को सीमित करें और बचाई गई राशि को सहायता कोष में जमा करें।
  • जरूरतमंद साथियों की सहायता:
    इस कोष का उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की मदद के लिए किया जाए — जैसे किताबें, शैक्षणिक सामग्री या स्कूल फीस।
  • सम्मान और गोपनीयता:
    सहायता करते समय यह भावना रहे कि यह उपकार नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। मदद पाने वाले छात्र का आत्मसम्मान सुरक्षित रहना चाहिए।

सकारात्मक और दीर्घकालिक प्रभाव

श्याम सारस्वत का मानना है कि जब एक छात्र अपनी किसी प्रिय वस्तु का त्याग कर अपने साथी की शिक्षा में योगदान देता है, तो उसमें सहानुभूति, करुणा और सामाजिक चेतना विकसित होती है।

इस पहल से न केवल आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सहयोग मिलेगा, बल्कि संपन्न परिवारों के बच्चों में भी यह समझ बनेगी कि धन केवल एक साधन है, जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं।

इस प्रकार विद्यालयों में शुरू हुई छोटी पहल समाज में समानता, भाईचारे और सामाजिक संतुलन को मजबूत कर सकती है।


चरित्र निर्माण ही असली विकास

श्याम सारस्वत ने कहा,

“समाज केवल ऊंची इमारतों या आर्थिक प्रगति से मजबूत नहीं होता, बल्कि नागरिकों के चरित्र, नैतिकता और सेवा भावना से सशक्त बनता है। यदि स्कूलों से ही इस दिशा में प्रयास शुरू किए जाएं, तो एक संवेदनशील और जिम्मेदार राष्ट्र का निर्माण संभव है।”

विशेषज्ञों का भी मानना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) में भी मूल्य-आधारित शिक्षा और जीवन कौशल पर विशेष जोर दिया गया है।
(संदर्भ: https://www.education.gov.in/nep2020)

इसके अलावा, शिक्षा में सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा (Social Emotional Learning) को बढ़ावा देने पर भी वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है।
(संदर्भ: https://casel.org/what-is-sel/)


निष्कर्ष

विद्यालय केवल अकादमिक ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला भी हैं। यदि ‘मूल्य संवर्धन’ जैसे प्रयासों को विद्यालय स्तर पर व्यवस्थित रूप से लागू किया जाए, तो आने वाली पीढ़ी को केवल सफल ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक भी बनाया जा सकता है।

School Moral Education India, Value Education Initiative, Giving Culture in Schools, NEP 2020 Moral Education, Jalna News Social.

"Value Education Initiative" promoting morals and giving in schools, featuring visuals of children and a teacher emphasizing character building, compassion, and support for needy students. Includes a photo of Shayam Saraswat.
Promoting value education and the joy of giving in schools through the Class Support Fund initiative

Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

आपके लिए सुझाव

author avatar
NewsNationOnline Team

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading