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अब्बासिया मस्जिद वक्फ भूमि पर अवैध निर्माण: एक साल बाद भी कार्रवाई नहीं, प्रशासन पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप

अब्बासिया मस्जिद की वक्फ भूमि पर अवैध निर्माण: एक साल बाद भी कार्रवाई नहीं, प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप तेज

जालना शहर के सदर बाजार में स्थित ऐतिहासिक वक्फ संस्था अब्बासिया मस्जिद की सेवा-इनाम भूमि (सर्वे नं. 233) पर कथित अवैध निर्माण के मामले में महाराष्ट्र राज्य वक्फ मंडल, जालना द्वारा दिनांक 24 अक्टूबर 2024 को महानगरपालिका को भेजे गए पत्र के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस अवधि में प्रशासन की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार के आरोप तेज होते जा रहे हैं और स्थानीय वक्फ संपत्तियों के संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।

वक्फ बोर्ड का नोटिस और प्रशासनिक अनुप्रयोग

वक्फ कार्यालय ने एक वर्ष पूर्व महानगरपालिका आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वक्फ भूमि पर चल रहे अनधिकृत निर्माण को तत्काल रोका जाए और वक्फ बोर्ड की अनुमति के बिना दी गई किसी भी निर्माण अनुमति को निरस्त किया जाए। बावजूद इसके, प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय प्रशासन ने नोटिस के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठ रहे हैं।

स्थानीय चिंताएँ: सुरक्षा, पर्यावरण और संभावित क्षति

दरगाह हजरत जानूल्लाह शाह बाबा के खादिम मोहम्मद जावेद मोहम्मद यूसुफ के अनुसार, वक्फ भूमि पर फिलहाल पेट्रोल पंप हेतु गहरी खुदाई और भूमिगत टैंक लगाने के प्रयास हो रहे हैं। स्थानीय नागरिक इसे न केवल वक्फ संपत्ति का उल्लंघन मानते हैं, बल्कि आग सुरक्षा मानक, सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन के गंभीर उल्लंघन के रूप में भी देख रहे हैं।

“यह वक्फ जमीन है — इसे संरक्षित रखना हमारा दायित्व है। बिना अनुमति के किए जा रहे निर्माण से हमें भारी नुकसान का डर है,” — खादिम मोहम्मद जावेद।

वक्फ संपत्ति का वैधानिक रिकार्ड

अब्बासिया मस्जिद वक्फ संस्था की भूमि महाराष्ट्र शासन के राजपत्र में दिनांक 31 मई 1973 को विधिवत दर्ज है। संस्था के पास दो संपत्तियाँ हैं: सर्वे नं. 228 (≈ 5 एकड़ 29 गुंठे) और सर्वे नं. 233 (≈ 10 एकड़ — सेवा-इनाम भूमि)। वक्फ बोर्ड का कहना है कि इन संपत्तियों की पहचान और सुरक्षा स्पष्ट है, अतः अनधिकृत उपयोग अमान्य है।

स्थानीय सूत्रों का दावा और आरोप

स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि महानगरपालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा दिखायी जा रही निष्क्रियता और कथित भ्रष्टाचार के कारण यह मामला लंबे समय से ‘ठंडे बस्ते’ में पड़ा हुआ है। वक्फ बोर्ड ने बार-बार लिखित रूप से अपील और नोटिस भेजे, परन्तु कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई।

क्या होंगे अगले कदम?

  • वक्फ बोर्ड ने उच्च अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों से पुनः कदम उठाने का आग्रह किया है।
  • स्थानीय नागरिक और धार्मिक प्रतिनिधि जल्द ही एक संयुक्त पत्राचार और जनता विरोध की संभावना का संकेत दे रहे हैं।
  • यदि नगर प्रशासन जल्द कदम नहीं उठाता है तो कानूनी और जनहित याचिका (PIL) जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।

इस घटना ने जालना में धार्मिक-संस्थागत संपत्तियों की सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर पुन: प्रकाश डाला है। वक्फ संपत्तियों की रक्षा तथा सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों से शीघ्र और पारदर्शी कार्रवाई की अपेक्षा है।


रिपोर्टिंग: प्रतिनिधि, जालना

टैग: अब्बासिया मस्जिद, वक्फ भूमि, जालना, अवैध निर्माण, वक्फ बोर्ड


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