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“मुस्लिम व्यापारियों पर जुल्म बंद हो – जमीयत उलेमा ने कुरैशी समाज की हड़ताल को बताया न्याय का संघर्ष”

मुस्लिम व्यापारियों पर जुल्म बंद हो – जमीयत उलेमा का समर्थन

“मुस्लिम व्यापारियों पर जुल्म बंद हो – जमीयत उलेमा ने कुरैशी समाज की हड़ताल को बताया न्याय का संघर्ष”

मुंबई, 16 जुलाई 2025: राज्य भर में कुरैशी समाज द्वारा मवेशियों की खरीद-बिक्री पर लगाए गए बहिष्कार और अनिश्चितकालीन हड़ताल को अब मजबूत समर्थन मिल रहा है। इस आंदोलन को जमीयत उलेमा महाराष्ट्र ने न केवल समर्थन दिया है, बल्कि इसे धार्मिक स्वतंत्रता और आर्थिक अस्तित्व के अधिकार से जोड़ा है।

मौलाना नदीम सिद्दीकी का बयान

जमीयत के अध्यक्ष मौलाना नदीम सिद्दीकी ने प्रेस वार्ता में कहा कि कुरैशी समाज के लोगों को गो-तस्करी के नाम पर गंभीर उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है – जिनमें झूठे केस, पुलिसिया ज़्यादती, और हिरासत में प्रताड़ना शामिल है। उन्होंने सरकार की चुप्पी और प्रशासन की मिलीभगत को खतरनाक बताया।

गौरक्षकों और पुलिस पर आरोप

मौलाना सिद्दीकी ने कहा कि तथाकथित गौरक्षक कई जिलों में मुस्लिम व्यापारियों पर हिंसा कर रहे हैं, और पुलिस कार्रवाई में निष्पक्षता नहीं दिख रही है। वैध मवेशी व्यापारियों के वाहनों को नुकसान पहुँचाया गया और उन पर केस लाद दिए गए।

“यह केवल धार्मिक नहीं, आर्थिक शोषण है।” – मौलाना नदीम सिद्दीकी

उन्होंने कहा कि कुरैशी समाज पीढ़ियों से मवेशी व्यापार और मांस उद्योग से जुड़ा है, और इस व्यापार को रोका जाना उनके जीवन को प्रभावित कर रहा है।

किसानों को भी नुकसान

हड़ताल के कारण किसान, जो दुधारू व अनुपयोगी मवेशी बेचते थे, अब संकट में हैं। पशु बाजार बंद होने से उनकी लागत बढ़ गई है। यह समस्या केवल मुस्लिम व्यापारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित कर रही है।

राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

मौलाना ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो जमीयत उलेमा महाराष्ट्र उग्र जन आंदोलन शुरू करेगी। साथ ही उन्होंने मुस्लिम समुदाय से कानूनी तरीके से शांतिपूर्ण संघर्ष की अपील की।

बढ़ता आक्रोश

जालना, औरंगाबाद, परभणी, बीड, नांदेड, मालेगांव सहित कई क्षेत्रों में कसाई और व्यापारी समुदाय ने पूरी तरह काम बंद कर रखा है। इसका असर स्थानीय बाज़ारों और रोजगार पर पड़ा है।

जमीयत उलेमा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जवाब नहीं दिया, तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे और राष्ट्रव्यापी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

✅ मुख्य मांगें:

  • झूठे गो-तस्करी मामलों की न्यायिक जांच हो।
  • हिंसा करने वाले गौरक्षकों की गिरफ्तारी की जाए।
  • निर्दोष मुस्लिम व्यापारियों को राहत और पुनर्वास दिया जाए।
  • व्यापार पर लगी रोक को तत्काल हटाया जाए।
  • पशु व्यापार और कटाई को कानूनी संरक्षण मिले।

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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