लाडकी बहन योजना में बड़ी अव्यवस्था; ई-केवाईसी की त्रुटियों से जालना जिले में 60,272 महिलाएं अपात्र, सत्यापन प्रक्रिया शुरू
जालना, प्रतिनिधि:
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाडकी बहन योजना में जालना जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है।
ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया के दौरान गलत विकल्प चयन और पात्रता से जुड़ी अन्य तकनीकी त्रुटियों के कारण
जिले की 60,272 महिलाएं अपात्र घोषित कर दी गई हैं। 1,500 रुपये की मासिक किस्त खाते में जमा न होने से
परेशान महिलाओं ने जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जालना जिले में कुल 4,84,694 महिलाएं लाडकी बहन योजना का
लाभ ले रही हैं। हालांकि, ई-केवाईसी करते समय
“परिवार में कोई शासकीय कर्मचारी है या नहीं” जैसे प्रश्न में गलत विकल्प चुनने से हजारों महिलाओं की पात्रता
रद्द हो गई।
इसके अलावा 65 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं, 21 वर्ष से कम आयु की लाभार्थी,
तथा कुछ मामलों में पुरुषों और तृतीयपंथियों द्वारा महिलाओं के नाम पर दस्तावेज अपलोड कर योजना का लाभ लेने
जैसे गंभीर प्रकरण भी सामने आए हैं।
किस्त न मिलने से प्रभावित महिलाएं पिछले कई दिनों से लगातार अपनी शिकायतें लेकर जिला कार्यालय पहुंच रही हैं,
जिससे कार्यालय परिसर में भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन ने शुरू की सुधारात्मक कार्रवाई
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
आंगनवाड़ी सेविकाओं के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं का प्रत्यक्ष भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया गया है।
इस दौरान आयु, पारिवारिक स्थिति, दस्तावेजों की प्रामाणिकता और ई-केवाईसी में दर्ज जानकारी की जांच की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि सत्यापन के बाद जो महिलाएं पात्र पाई जाएंगी,
उन्हें पुनः लाडकी बहन योजना का लाभ दिया जाएगा।
आंगनवाड़ी सेविकाओं को यह प्रक्रिया 6 फरवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं,
ताकि पात्र महिलाओं को जल्द से जल्द बकाया किस्त का लाभ मिल सके।
प्रभारी जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कोमल कोरे ने बताया कि,
“ई-केवाईसी में हुई त्रुटियों के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं अपात्र हुई हैं।
जमीनी स्तर पर उनकी जांच की जा रही है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र महिलाओं को
योजना का लाभ फिर से प्रदान किया जाएगा।”
जालना जिले में अपात्र महिलाओं का विवरण
| कारण | संख्या |
|---|---|
| ई-केवाईसी में गलत विकल्प चुनने वाली महिलाएं | 43,825 |
| 65 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं | 10,014 |
| 21 वर्ष से कम आयु की महिलाएं | 5,786 |
| पुरुष एवं तृतीयपंथी लाभार्थी | 647 |
| कुल अपात्र महिलाएं | 60,272 |
इस पूरे घटनाक्रम ने लाडकी बहन योजना के क्रियान्वयन में
तकनीकी खामियों, जानकारी के अभाव और जागरूकता की कमी
को उजागर कर दिया है। फिलहाल, प्रशासन द्वारा शुरू की गई सत्यापन प्रक्रिया से
पात्र महिलाओं को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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