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जालना में NDRF की मॉक ड्रिल | रासायनिक आपदा से निपटने की तैयारी की समीक्षा


जालना में रासायनिक आपदा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा, NDRF की टेबल-टॉप एक्सरसाइज और मॉक ड्रिल सफल

जालना | प्रतिनिधि

जिले में संभावित रासायनिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की प्रशासनिक और औद्योगिक तैयारियों को परखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के माध्यम से रासायनिक आपदा पर आधारित टेबल-टॉप एक्सरसाइज और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास 5 फरवरी 2026 को जालना जिले के अंबड तालुका अंतर्गत अंकुशनगर स्थित कर्मयोगी अंकुशराव टोपे सहकारी चीनी कारखाना परिसर में संपन्न हुआ।

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यह कार्यक्रम जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा निवासी उप-जिलाधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र के पूर्व सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेश टोपे ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों तथा NDRF के विशेषज्ञ दल के परिचय से हुई। इसके बाद NDRF टीम द्वारा पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से रासायनिक आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल, औद्योगिक प्रबंधन और अन्य संबंधित एजेंसियों की भूमिकाओं व जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान इथेनॉल टैंक एवं पाइपलाइन से रिसाव होने और उसके कारण कारखाना परिसर में आग लगने की एक काल्पनिक आपात स्थिति निर्मित की गई। इस परिदृश्य के तहत NDRF टीम ने इथेनॉल से संबंधित मटेरियल सेफ्टी डेटा शीट (MSDS) की विस्तृत जानकारी दी तथा वास्तविक आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया। इसमें रिसाव रोकने, आग पर नियंत्रण, घायलों को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक चिकित्सा जैसी प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया।

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इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, विभागों के बीच बेहतर समन्वय, जनजागरूकता तथा संभावित कमियों की पहचान कर उनका विश्लेषण (गैप एनालिसिस) करना रहा। मॉक ड्रिल के सफल समापन के पश्चात NDRF टीम ने राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों, सुरक्षा साधनों और तकनीकी संसाधनों की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम में औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संचालनालय के श्री उमाकांत पारधी, उपविभागीय अधिकारी अंबड, तहसीलदार विजय चव्हाण, सहायक संचालक पी. वी. सुरसे, उपसंचालक नंदकिशोर देशमुख, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपक काजळकर, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दयानंद कांबळे, सहायक संचालक आकाश तळवडकर, सहायक संचालक शीतल गायकवाड सहित सभी संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी तथा कारखाने के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार की टेबल-टॉप एक्सरसाइज और मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि किसी भी संभावित रासायनिक आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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मुख्य बिंदु (Key Points)

  • जालना जिले में NDRF द्वारा रासायनिक आपदा पर आधारित टेबल-टॉप एक्सरसाइज और मॉक ड्रिल आयोजित
  • अंबड तालुका के कर्मयोगी अंकुशराव टोपे सहकारी चीनी कारखाना परिसर में अभ्यास
  • इथेनॉल टैंक व पाइपलाइन रिसाव और आग की काल्पनिक स्थिति पर ड्रिल
  • MSDS के माध्यम से रसायनों की सुरक्षा जानकारी साझा
  • जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, पुलिस और औद्योगिक इकाइयों के बीच समन्वय का अभ्यास
  • बचाव एवं राहत कार्यों में प्रयुक्त आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन
  • भविष्य में ऐसे अभ्यास नियमित रूप से आयोजित करने का निर्णय

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. टेबल-टॉप एक्सरसाइज क्या होती है?
टेबल-टॉप एक्सरसाइज एक
योजनात्मक अभ्यास होता है, जिसमें आपदा की काल्पनिक स्थिति बनाकर संबंधित विभागों की भूमिकाओं, निर्णय प्रक्रिया और समन्वय की समीक्षा की जाती है।

Q2. मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मॉक ड्रिल का उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, जनसुरक्षा, संसाधनों के सही उपयोग और प्रशासनिक तैयारियों की जांच करना होता है।

Q3. इस मॉक ड्रिल में कौन-सी आपदा का अभ्यास किया गया?
इस अभ्यास में इथेनॉल टैंक और पाइपलाइन से रिसाव तथा उसके कारण आग लगने की रासायनिक आपदा की काल्पनिक स्थिति बनाई गई।

Q4. MSDS क्या है और इसका महत्व क्यों है?
MSDS (Material Safety Data Sheet) किसी भी रसायन से
संबंधित सुरक्षा, जोखिम और आपातकालीन उपायों की विस्तृत जानकारी देती है, जो आपदा प्रबंधन में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

Q5. ऐसे अभ्यास आम नागरिकों के लिए क्यों जरूरी हैं?
इस तरह के अभ्यास से आपात स्थिति में प्रशासन की तैयारी मजबूत होती है, जिससे आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।


Group of people gathered under a tent, with various items and equipment displayed on the ground, at an outdoor event.
Participants and NDRF team gather during the chemical disaster mock drill at the Karnyogi Ankushrao Tope Cooperative Sugar Factory in Jalna
Three individuals in yellow hazmat suits and gas masks, one actively gesturing, standing in an industrial area with equipment in the background.
NDRF personnel in protective gear conducting a mock drill for chemical disaster response in Jalna
Two soldiers in protective gear carrying a stretcher with a person on it, surrounded by military personnel and equipment in an outdoor training area.
NDRF personnel conducting a mock drill during a chemical disaster exercise demonstrating emergency response protocols
A group of people in military-style uniforms and safety gear gather at an industrial safety training site, while an official in an orange vest provides instructions.
Participants in safety gear prepare for a mock drill simulating a chemical disaster scenario during the NDRF exercise in Jalna

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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