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खांडेकर रिश्वत कांड से हिली जालना मनपा: 1074 प्रस्तावों में करोड़ों का खेल, 250 करोड़ की तीन परियोजनाएं एक ही ठेकेदार को

खांडेकर रिश्वत कांड से हिली जालना मनपा: 1074 प्रस्तावों में करोड़ों का खेल, 250 करोड़ की तीन परियोजनाएं एक ही ठेकेदार को

जालना महानगरपालिका के आयुक्त संतोष खांडेकर के रिश्वत कांड के सामने आने के बाद नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खांडेकर के कार्यकाल के दौरान अब तक 1074 प्रशासनिक प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से कई करोड़ों रुपये की परियोजनाओं से जुड़े हैं। इनमें सोलर प्रोजेक्ट, सीवेज ट्रीटमेंट योजना, विसर्जन कुंड, सीमेंट सड़कें और स्वच्छता अभियान जैसी योजनाएं शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, लगभग 250 करोड़ रुपये की तीन प्रमुख परियोजनाएं एक ही ठेकेदार को सौंपी गईं, जिससे निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ है। यह मामला सामने आने के बाद नगर प्रशासन और ठेकेदारी व्यवस्था पर भ्रष्टाचार के बादल मंडरा रहे हैं।

खांडेकर रिश्वत कांड: मनपा में हड़कंप

खांडेकर के 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की घटना ने जालना महानगरपालिका में विकास कार्यों के नाम पर चल रहे संभावित भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, खांडेकर ने पदभार संभालने के कुछ ही महीनों में बड़ी संख्या में प्रस्ताव मंजूर किए और बार-बार एक ही ठेकेदार को काम सौंपा गया। इसने ठेकेदारी प्रक्रिया की निष्पक्षता और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

विवादित परियोजनाएँ और जांच की दिशा

खांडेकर पर जिन कार्यों से संबंधित रिश्वत लेने का आरोप है, उनमें शामिल हैं:

  • वाल्मीकनगर (गांधीनगर) पुल से रिंग रोड तक सीसी रोड और डीपी रोड का निर्माण
  • भक्कड फार्म से भवानीनगर तक सीसी रोड और भूमिगत नालियों का निर्माण
  • महानगरपालिका भवन के तीसरे मंजिल का निर्माण कार्य

अब इन सभी परियोजनाओं की जिलाधिकारी आशिमा मित्तल द्वारा गहन जांच की जा रही है। जांच में कार्य की गुणवत्ता, निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता और खर्च की वैधता का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।

भ्रष्टाचार निर्मूलन समिति की बैठक

इस बीच भ्रष्टाचार निर्मूलन समिति की आगामी बैठक में सीवेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट और विसर्जन कुंड की फाइलें तलब की गई हैं। समिति के सदस्य संजय इंगळे ने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इन परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया, खर्च और प्रगति की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

महानगरपालिका भवन निर्माण विवाद

महानगरपालिका भवन की तीसरी मंजिल का निर्माण कार्य भी विवादों में है। चुनावों के बाद इस मंजिल पर महापौर के लिए विशेष केबिन बनाने की योजना थी, लेकिन कार्य की गति अत्यंत धीमी है। बारिश और रिश्वत मामले के कारण परियोजना लगभग ठप हो चुकी है। जिलाधिकारी आशिमा मित्तल जल्द ही स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने वाली हैं।

मनपा की पारदर्शिता पर सवाल

संतोष खांडेकर रिश्वत कांड ने जालना महानगरपालिका की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। 1074 प्रस्तावों की मंजूरी, एक ही ठेकेदार को बार-बार करोड़ों की परियोजनाएं सौंपना और अधूरी पड़ी योजनाएं — ये सब संकेत दे रहे हैं कि नगर प्रशासन में जवाबदेही की सख्त आवश्यकता है।

“जनता के पैसों से चलने वाले प्रोजेक्ट्स में इस तरह की अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी,” — जिलाधिकारी आशिमा मित्तल।

इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नगर प्रशासन में ईमानदारी और पारदर्शिता की पुनर्स्थापना आवश्यक है। जिलाधिकारी द्वारा की जा रही जांच से उम्मीद है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और जनता का विश्वास पुनः स्थापित किया जाएगा।


रिपोर्टिंग: प्रतिनिधि, जालना

टैग: जालना मनपा, संतोष खांडेकर, रिश्वत कांड, भ्रष्टाचार, नगर प्रशासन, महाराष्ट्र, विकास परियोजनाएं


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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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