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जालना-नांदेड समृद्धि महामार्ग के खिलाफ किसानों का आक्रोश, जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन 

Farmers’ anger against Jalna-Nanded Samruddhi Highway, protest demonstration in front of District Collector’s office

जालना: जालना-नांदेड समृद्धि महामार्ग में अधिग्रहित हो रही जमीनों के पुनर्मूल्यांकन और अन्य मांगों को लेकर आज दोपहर 12:30 बजे किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आक्रोशपूर्ण धरना प्रदर्शन किया.  

महामार्ग से प्रभावित किसानों ने कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इस उपेक्षा के चलते पूरे जालना जिले के प्रभावित किसानों ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.  

*किसानों की मुख्य मांगें:  

1. अधिग्रहित जमीनों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए.  

2. चालू बाजार भाव के अनुसार मुआवजा तय कर उसमें गुणांक 2 जोड़कर पांच गुना मुआवजा दिया जाए.  

3. जमीन के अधिग्रहण के लिए जारी 19 (1) की नोटिस रद्द की जाए.  

किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि व्यक्तिगत और सामूहिक ज्ञापन देने के बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने मांग की कि शासन को रिपोर्ट भेजकर जमीनों का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए और न्याय सुनिश्चित किया जाए.

*धरना प्रदर्शन में उपस्थित प्रमुख किसान नेता:

इस प्रदर्शन में दिनकर दलवी, प्रशांत मानधने, विनोद खंडागले, बालासाहेब आढाव, दीपक दवंडे, राजेश मोहिते, गजानन जाधव, अतुल राठोड, रामेश्वर राठोड, राजेंद्र राऊत, देवेंद्र राऊत, परमेश्वर पवार, श्याम राजपूत, निखिल देशपांडे, जनार्दन पवार, दीपक भुतेकर, मकरंद प्रकाश वांजोळे, रामेश्वर भुतेकर, संजय राठोड, अंबादास गिराम सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए.

किसानों ने दोहराया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे। प्रशासन को इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर किसानों को न्याय प्रदान करना चाहिए.

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Imran Siddiqui

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