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12 साल की उम्र में अज़ान अली ने याद किया पूरा कुरान, जालना में जुमे की नमाज के बाद शानदार स्वागत

जालना में हिफ्ज़-ए-कुरान मुकम्मल करने पर हाफिज सैयद अज़ान अली सैयद मोहसिन नक्शबंदी का मस्जिद में स्वागत

जालना: महज 12 साल की उम्र में स्कूल की पढ़ाई जारी रखते हुए दो साल में पूरा कुरान याद करने वाले हाफिज सैयद अज़ान अली सैयद मोहसिन नक्शबंदी का शुक्रवार को जालना में शानदार स्वागत किया गया। जुमे की नमाज के बाद हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नमाजी और शहर के सम्मानित लोग मौजूद रहे। सभी ने अज़ान अली को मुबारकबाद दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की।

अज़ान अली ने दारुल उलूम गुलशने कादरी अनवारे रजा, दरगाह हजरत सैयद अहमद शेर सवार (राजा बाग सवार अलैहि-रहमा) में हिफ्ज़-ए-कुरान की तालीम हासिल की। परिवार और संस्था के लिए यह पल इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने अपनी नियमित स्कूल की पढ़ाई के साथ कुरान याद करने का सिलसिला जारी रखा और करीब दो साल में हिफ्ज़ मुकम्मल किया।

स्कूल की पढ़ाई के साथ जारी रखी हिफ्ज़ की तालीम

कम उम्र में हिफ्ज़-ए-कुरान पूरा करने के लिए नियमित पढ़ाई, दोहराव और अनुशासन की जरूरत होती है। अज़ान अली ने स्कूल की शिक्षा के साथ अपनी दीनी तालीम भी जारी रखी। हिफ्ज़ मुकम्मल होने की खबर के बाद परिवार, परिचितों और इलाके के लोगों में खुशी का माहौल रहा।

ख्वाजा गरीब नवाज मस्जिद में हुआ स्वागत

इस उपलब्धि की खुशी में शेर सवार कॉलोनी, भोकरदन नाका, जालना के लोगों की ओर से हजरत ख्वाजा गरीब नवाज मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद स्वागत कार्यक्रम रखा गया। मस्जिद के खतीब व इमाम हाफिज काजी उमर ने हाफिज सैयद अज़ान अली का स्वागत किया और उनके बेहतर भविष्य के लिए दुआ की।

समारोह में मौजूद लोगों ने अज़ान अली और उनके परिवार को मुबारकबाद दी। इस दौरान दीनी तालीम के साथ बच्चों की स्कूल शिक्षा को भी जारी रखने की अहमियत सामने आई।

उर्स राजा बाग सवार में मिलेगी हिफ्ज़-ए-कुरान की सनद

बताया गया कि 6 रजब को आयोजित होने वाले उर्स राजा बाग सवार के दौरान हाफिज सैयद अज़ान अली सहित अन्य हुफ्फाज को हिफ्ज़-ए-कुरान की सनद दी जाएगी। आयोजकों के अनुसार यह सनद देश के जाने-माने सुन्नी उलेमा के हाथों प्रदान की जाएगी।

परिवार और इलाके के लिए खुशी का मौका

हिफ्ज़ मुकम्मल होने और सार्वजनिक रूप से स्वागत किए जाने से यह मौका अज़ान अली के परिवार के साथ शेर सवार कॉलोनी के लोगों के लिए भी यादगार बन गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके लिए दुआ की कि वे आगे भी दीनी और दुनियावी तालीम में कामयाबी हासिल करें।

इस्लाम में कुरान पढ़ने और समझने को विशेष महत्व दिया गया है। कुरान का आधिकारिक डिजिटल पाठ और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद Quran.com पर भी उपलब्ध है।

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Imran Siddiqui

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