अंबड: जालना-बीड रोड पर स्थित अंबड खरीदी-बिक्री संघ की जमीन में वर्ष 2015 से अपने कब्जे और इस्तेमाल में बताए जा रहे प्लॉट की लीज कराने की मांग को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस के जिला कार्याध्यक्ष चंद्रकांत कारके का बेमियादी अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। इस बीच जिला उपनिबंधक विष्णू रोडगे द्वारा खरीदी-बिक्री संघ को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई करने को कहे जाने की जानकारी कारके की ओर से जारी प्रेस नोट में दी गई है।
प्रेस नोट के अनुसार, अंबड शहर के सर्वे नंबर 39/1 में खरीदी-बिक्री संघ की जमीन है। दावा किया गया है कि यह जमीन पूर्व विधायक एवं संघ के तत्कालीन चेयरमैन अण्णासाहेब उढाण ने खरीदकर संघ को दी थी। इसी जमीन में पिछड़ा वर्ग कोटे से 30 बाय 60 फीट का प्लॉट चंद्रकांत कारके को दिए जाने और इसके लिए लिखित पत्र जारी किए जाने की बात कही गई है।
2015 से कब्जे और इस्तेमाल में होने का दावा
बताया गया कि संघ के तत्कालीन चेयरमैन वाघमारे उर्फ मालक के निर्देश पर तत्कालीन सचिव केशव कुलकर्णी ने कारके को संबंधित जगह नापकर दी थी। इसके बाद वहां पत्थर की नींव का निर्माण कराया गया और नाम की पट्टी भी लगाई गई।
कारके का कहना है कि प्लॉट वर्ष 2015 से उनके कब्जे और इस्तेमाल में है। उन्होंने इस मामले में मूल आवेदन, जिला उपनिबंधक की वस्तुस्थिति संबंधी रिपोर्ट, सहायक निबंधक, तहसीलदार और उपविभागीय अधिकारी से जुड़े दस्तावेज, मंत्री स्तर की सिफारिश तथा अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग, मुंबई के पत्र का भी हवाला दिया है।
लीज की मांग को लेकर बेमियादी अनशन
कारके ने आरोप लगाया है कि दस्तावेज होने के बावजूद अंबड खरीदी-बिक्री संघ प्लॉट की लीज की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा रहा है। उन्होंने संघ पर जातीय भेदभाव के कारण जानबूझकर टालमटोल करने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों पर अंबड खरीदी-बिक्री संघ का पक्ष प्रेस नोट में शामिल नहीं है।
कारके ने कहा है कि प्लॉट की लीज की प्रक्रिया पूरी होने तक वे अनशन जारी रखेंगे। प्रेस नोट के मुताबिक, गुरुवार को अनशन का चौथा दिन था और तब तक संघ की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया था।
जिला उपनिबंधक के पत्र का दावा
प्रेस नोट के अनुसार जिला उपनिबंधक विष्णू रोडगे ने 1 अक्टूबर को अंबड खरीदी-बिक्री संघ को लिखित पत्र भेजा। इसमें कारके के कब्जे और इस्तेमाल में बताई गई जगह की लीज के संबंध में कार्रवाई कर अनशन समाप्त कराने को कहा गया है।
महाराष्ट्र में सहकारी संस्थाओं से जुड़े प्रशासन और नियमन की जिम्मेदारी राज्य के सहकार विभाग और सहकारी संस्था निबंधक तंत्र के अंतर्गत आती है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर सहकारी संस्थाओं से संबंधित सेवाओं, शिकायतों, अपील और अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए महाराष्ट्र सहकार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
पूर्व विधायक शिवाजीराव चोथे पहुंचे अनशन स्थल
पूर्व विधायक शिवाजीराव चोथे ने अनशन स्थल पहुंचकर चंद्रकांत कारके से मुलाकात की और उनकी मांग का समर्थन किया। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने भी अनशन स्थल पर पहुंचकर कारके से मुलाकात की।
इस बीच लहू शस्त्र सेना, बहुजन पैंथर और लहुजी शक्ति सेना सहित सामाजिक संगठनों ने मामले का जल्द समाधान नहीं होने पर प्रदर्शन और आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
अब आगे क्या?
मामला अब लीज की प्रक्रिया और खरीदी-बिक्री संघ की आगे की कार्रवाई पर टिका है। चूंकि विवाद में जमीन, सहकारी संस्था और प्रशासनिक पत्राचार से जुड़े दावे शामिल हैं, इसलिए अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई से स्पष्ट होगी। संघ की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने पर उसका पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।
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