The pride of the tricolor, the pride of every religion – Hanuman Prasad Bharuka
जालना: राष्ट्र के गौरवशाली प्रतीक तिरंगे ध्वज का सम्मान हर भारतीय का परम कर्तव्य है, क्योंकि यह ध्वज न केवल देश की पहचान है, बल्कि सभी धर्मों का प्रतीक भी है. यह विचार आध्यात्मिक लेखक एवं लायन्स क्लब ऑफ जालना संस्कृति के पूर्व अध्यक्ष हनुमानप्रसाद भारूका ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर व्यक्त किए.

इस मौके पर भारूका ने कहा कि स्वतंत्रता के इस पावन पर्व पर प्रत्येक धर्मस्थल पर ध्वजारोहण कर देशप्रेम की भावना को जागृत किया जाना चाहिए. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि 26 जनवरी और 15 अगस्त हमारे राष्ट्रीय पर्व हैं, जिनका उत्सव उसी उत्साह और जोश से मनाया जाना चाहिए, जैसे कि दिवाली, रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी, होली और ईद मनाई जाती हैं.
“पृथ्वी और धर्म की रक्षा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है,” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तिरंगे में निहित तीन रंग राष्ट्र की एकता और अखंडता के द्योतक हैं, जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता. उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि हमें अपने देश को इन तीनों रंगों के माध्यम से सामाजिक सौहार्द और एकता की पहचान बनाना चाहिए.

हनुमान प्रसाद भारूका ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “तिरंगे को नमन करना और उसके प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना हर नागरिक का धर्म है. अनुशासन ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है, और सत्य के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्र की प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहिए.”
उन्होंने शिक्षा और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान पर बल देते हुए कहा कि “अच्छी शिक्षा और बुजुर्गों के सम्मान से ही प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है.” राष्ट्रीय एकता के माध्यम से हमारे हृदय में सद्भावना की लौ प्रज्वलित होती है, जिससे समाज में प्रेम और सौहार्द की भावना मजबूत होती है.
अंत में, उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि तिरंगे को ऊंचा रखें और शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए एकता और भाईचारे के साथ राष्ट्रीय पर्व को मनाएं.
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