किसानों के फैसलों का स्वागत, व्यापारियों की समस्याओं पर भी ध्यान दे सरकार : सतीश पंच
जालना | प्रतिनिधि
महाराष्ट्र सरकार के हाल ही में प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सतीश पंच ने किसानों के हित में लिए गए निर्णयों का स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को व्यापारियों और लघु उद्यमियों की लंबित समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों को समान रूप से लाभ मिल सके।
सतीश पंच ने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा प्रस्तुत बजट में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जिनसे कृषि क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विशेष रूप से 2 लाख रुपये तक की किसान कर्जमाफी के निर्णय को किसानों के लिए बड़ा राहतकारी कदम बताया।
महाराष्ट्र सरकार की योजनाओं और बजट से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट भी देखी जा सकती है:
https://www.maharashtra.gov.in
किसान कर्जमाफी से किसानों को बड़ी राहत
सतीश पंच ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं, अनियमित वर्षा और बढ़ती लागत के कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। ऐसे में सरकार द्वारा 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी की घोषणा किसानों के लिए काफी राहत देने वाली साबित होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जो किसान समय पर अपने कृषि ऋण की अदायगी करते हैं, उनके लिए सरकार द्वारा घोषित 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी सकारात्मक पहल है। इससे किसानों को नियमित रूप से ऋण चुकाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और कृषि क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन भी बढ़ेगा।
भारत में किसानों के लिए चल रही योजनाओं और कृषि से जुड़ी जानकारी के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट देखी जा सकती है:
https://agricoop.nic.in
लघु उद्योगों और व्यापारियों की अपेक्षाएं अधूरी
हालांकि सतीश पंच ने कहा कि बजट में कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जिनकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि लघु उद्योगों और व्यापारियों को जिस प्रकार की आर्थिक सहायता, कर में राहत और प्रोत्साहन की उम्मीद थी, वह बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देना है तो छोटे और मध्यम व्यवसायों को अधिक प्रोत्साहन देना आवश्यक है, क्योंकि यही क्षेत्र रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत में लघु उद्योगों और उद्यमियों से संबंधित योजनाओं की जानकारी के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की वेबसाइट भी देखी जा सकती है:
https://msme.gov.in
प्रोफेशन टैक्स को लेकर जताई नाराजगी
सतीश पंच ने विशेष रूप से व्यवसाय कर (प्रोफेशन टैक्स) के मुद्दे पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “एक देश, एक कर” की बात कही थी।
इसके बावजूद महाराष्ट्र में अभी भी व्यवसाय कर लागू है, जिससे व्यापारियों और छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
जीएसटी से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल भी देखा जा सकता है:
https://www.gst.gov.in
व्यापारियों की मांगों पर सरकार को करना चाहिए विचार
सतीश पंच ने कहा कि व्यापारियों की लंबे समय से यह मांग रही है कि व्यवसाय कर को समाप्त किया जाए या कम से कम उसमें कमी की जाए। सरकार को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए कृषि, उद्योग और व्यापार तीनों क्षेत्रों का संतुलित विकास आवश्यक है।
संतुलित आर्थिक विकास की जरूरत
सतीश पंच ने अंत में कहा कि किसानों के लिए लिए गए निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय हैं, लेकिन राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लघु उद्यमियों और व्यापारियों के हित में भी ठोस नीतिगत कदम उठाना जरूरी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सरकार व्यापारियों की मांगों और समस्याओं पर ध्यान देगी और उन्हें राहत देने के लिए आवश्यक निर्णय लेगी।

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