हैदराबाद:
कभी भारतीय क्रिकेट टीम को जीत की ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शुक्रवार को राजनीति में एक नई पारी शुरू की—तेलंगाना सरकार में मंत्री पद की शपथ लेकर। राजभवन में आयोजित भावनात्मक समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, जबकि मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
शपथ ग्रहण का पल कई समर्थकों के लिए आंसुओं-सा बन गया—क्रिकेट के स्वर्णिम दिनों का वह सितारा अब जनसेवा की नई राह पर दिखा। उन्हें शपथ ग्रहण करते देख पुराने प्रशंसक और युवा दोनों भावविभोर हो उठे।
अजहरुद्दीन के मंत्रिमंडल में शामिल होने के साथ ही तेलंगाना कैबिनेट की संख्या 16 पहुँच गई है; विधानसभा के स्तर पर कुल 18 मंत्रियों के स्थान दिए जा सकते हैं, अर्थात अभी दो सीटें खाली हैं।
राजनीतिक विश्लेषक इसे कूटनीतिक और भावनात्मक दोनों तरह का कदम मान रहे हैं—खासकर जुबली हिल्स उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए। इस निर्वाचन क्षेत्र में एक लाख से अधिक मुस्लिम मतदाता हैं, जिनका प्रभाव निर्णयकारी माना जाता है।

यह सीट बीआरएस विधायक मोगंती गोपीनाथ के जून में आकस्मिक निधन के कारण खाली हुई थी। अजहरुद्दीन को अगस्त के अंत में राज्यपाल कोटे से विधान परिषद के लिए नामित किया गया था और अब वे औपचारिक स्वीकृति की प्रतीक्षा में हैं।
2023 के विधानसभा चुनावों में वे जुबली हिल्स से हार का अनुभव कर चुके हैं, पर आज उनका यह नया राजनीतिक कदम उनके संघर्ष और नए आरंभ की कहानी कह रहा है।
क्रिकेट के मैदान से लेकर संसद और अब मंत्रिमंडल तक—अजहरुद्दीन की यह यात्रा धैर्य, समर्पण और उम्मीदों का प्रतीक है।
— NewsNationOnline Team
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