जालना में एक दिवसीय सुन्नी तरबियती इज्तेमा सफलतापूर्वक संपन्न
“ईमान के बाद सबसे अहम फ़र्ज़ नमाज़, और नमाज़ का इल्म भी फ़र्ज़” — मुफ्ती अल्लाह बख़्श अमजदी
जालना: जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा की जालना शाखा की ओर से यौम-ए-सैयदना सिद्दीक़-ए-अकबर (रज़ियल्लाहु अन्हु) के मुबारक अवसर पर आयोजित एक दिवसीय सुन्नी तरबियती इज्तेमा रविवार को बुरहान नगर स्थित हसनिया मस्जिद में धार्मिक उल्लास और अनुशासित माहौल के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इज्तेमा में शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
इज्तेमा की पहली नशिस्त का आग़ाज़ सुबह 10:30 बजे सूरह रहमान की तिलावत और नात-ए-मुस्तफ़ा ﷺ से हुआ। इसके पश्चात अपने मार्गदर्शन में मुफ्ती क़ाज़ी अल्लाह बख़्श अमजदी ने कहा कि ईमान के बाद सबसे अहम फ़र्ज़ नमाज़ है और नमाज़ का सही इल्म हासिल करना भी हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना सही इल्म के अदा की गई नमाज़ मुकम्मल नहीं होती। हदीस का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि सात वर्ष की उम्र में बच्चों को नमाज़ का हुक्म देना चाहिए और दस वर्ष की उम्र में नमाज़ न पढ़ने पर सख़्ती बरतने का आदेश है।

मुफ्ती साहब ने वुज़ू, ग़ुस्ल और नमाज़ के तरीकों को मसाइल के साथ विस्तार से समझाया। इस दौरान मौजूद लोगों द्वारा पूछे गए सवालों के तसल्लीबख़्श और सरल जवाब भी दिए गए। ज़ुहर की नमाज़ के बाद नमाज़ का मुकम्मल तरीका प्रैक्टिकल रूप में समझाया गया, साथ ही आम तौर पर की जाने वाली ग़लतियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया, जिससे लोगों को अपनी इबादत दुरुस्त करने में मार्गदर्शन मिला।
फातिहा-ख़्वानी और मुख़्तसर दुआ के बाद सैयदना सिद्दीक़-ए-अकबर (रज़ि.) के नाम से लंगर का एहतमाम किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लेकर बरकत हासिल की।
तीसरी नशिस्त दोपहर 3 बजे शुरू हुई। इसमें मौलाना अरबाज़ रज़ा ने नमाज़-ए-जनाज़ा का तरीका मसाइल सहित समझाया, जबकि मौलाना सैयद नसीरुद्दीन अमजदी ने नमाज़-ए-वित्र से जुड़े अहम मसाइल पर विस्तार से रोशनी डाली। इसके पश्चात मुफ्ती गुलाम नबी अमजदी ने ग़ुस्ल-ए-मय्यत और कफ़न-दफ़न का प्रैक्टिकल तरीका समझाकर शिरकत करने वालों को उपयोगी जानकारी प्रदान की।
आख़िरी नशिस्त में असर की नमाज़ के बाद ज़िक्र की महफ़िल आयोजित की गई, जिसमें भारत सहित आलम-ए-इस्लाम की सलामती, अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए ख़ुसूसी दुआ की गई।
इस सुन्नी तरबियती इज्तेमा के सफल आयोजन के लिए जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा जालना शाखा के पदाधिकारियों तथा बुरहान नगर के नौजवानों की मेहनत और समर्पण की उपस्थित जनों ने सराहना की।
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