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जालना की 42 झोपड़पट्टियों में दीपावली के बाद शुरू होगा सर्वेक्षण — गरीब परिवारों को मिलेगा ‘हक का घर’

जालना की 42 झोपड़पट्टियों में दीपावली के बाद शुरू होगा सर्वेक्षण — हजारों गरीब परिवारों के ‘हक के घर’ का सपना होगा साकार

जालना: शहर की 42 झोपड़पट्टियों में रहने वाले हजारों परिवारों का वर्षों पुराना ‘अपने घर’ का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के निरंतर प्रयासों के बाद नागपुर की सीएफएसडी (CFSD) संस्था को इन झोपड़पट्टियों का विस्तृत सर्वेक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दीपावली के बाद इस सर्वेक्षण कार्य की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।

इस निर्णय की जानकारी देते हुए पूर्व विधायक और भाजपा नेता कैलाश गोरंट्याल ने कहा कि यह कदम जालना के गरीब व वंचित नागरिकों के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन लाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले 40–50 वर्षों से झोपड़पट्टियों में रह रहे हजारों परिवारों को अब तक अपने घरों का कानूनी अधिकार नहीं मिल सका था। मालमत्ता पत्रक (पी.आर. कार्ड) न होने के कारण वे शासन की योजनाओं और अनुदानों से वंचित रह जाते थे।

इन परिवारों की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए गोरंट्याल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे से विशेष मुलाकात कर झोपड़पट्टी वासियों को कानूनी हक दिलाने की मांग की थी। उन्होंने कहा —

“ये परिवार शहर के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए इन्हें भी अपने घर का अधिकार मिलना चाहिए।”

इस प्रस्ताव को भाजपा के वरिष्ठ नेता रावसाहेब दानवे, पूर्व मंत्री बबनराव लोणीकर, विधायक संतोष पाटील दानवे, जिलाध्यक्ष नारायण कुचे और महानगर जिलाध्यक्ष भास्करराव पाटील दानवे का भी सक्रिय समर्थन मिला। लगातार प्रयासों के बाद राजस्व मंत्री ने इस मांग को स्वीकार करते हुए सितंबर में जिलाधिकारी आशिमा मित्तल को सर्वेक्षण प्रक्रिया प्रारंभ करने के आदेश दिए।

इसके बाद मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला प्रशासन व नगर निगम अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए। जिलाधिकारी ने आदेशों का पालन करते हुए नागपुर की सीएफएसडी एजेंसी को नियुक्त किया है, जिसे अब जालना महानगरपालिका द्वारा आधिकारिक कार्य आदेश भी जारी कर दिया गया है।

दीपावली के बाद शुरू होगा सर्वेक्षण कार्य

त्योहार के तुरंत बाद सभी 42 झोपड़पट्टियों में प्रत्यक्ष सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वेक्षण पूरा होने पर नागरिकों को मालमत्ता पत्रक (पी.आर. कार्ड) दिए जाएंगे, जिससे उन्हें कानूनी रूप से अपने घर का अधिकार प्राप्त होगा। इसके साथ ही वे प्रधानमंत्री आवास योजना, घरकुल योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।

पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल ने कहा —

“यह परियोजना जालना के गरीब और मेहनतकश परिवारों के जीवन में नया उजाला लाएगी। दीपावली के बाद उनके लिए सचमुच ‘रोशनी’ का पर्व आएगा — अब जिनके पास केवल सपना था, उन्हें स्थायी और सुरक्षित घर मिलेगा।”

सारांश

इस पहल से न केवल हजारों गरीब परिवारों को स्थायी छत मिलेगी, बल्कि झोपड़पट्टी क्षेत्रों को नियमित करने और शहरी विकास को नई दिशा देने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगा। शासन और प्रशासन के इस संयुक्त प्रयास से जालना का सामाजिक और आर्थिक विकास नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेगा।

रिपोर्ट: NewsNationOnline जालना ब्यूरो

Breaking news banner announcing a survey to start in 42 slums of Jalna after Diwali, focusing on providing housing rights to poor families.

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