जैन समाज के विवाह योग्य युवाओं की जानकारी वाली निर्देशिका जल्द होगी निःशुल्क वितरित – हस्तीमल बंब
जालना (प्रतिनिधि):
जालना में भारतीय जैन संस्था के ट्रस्ट मंडल की बैठक 12 मार्च 2026 को जैन भवन, सकलेचा नगर में संस्था के अध्यक्ष हस्तीमल बंब की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जैन समाज के संगठन, सामाजिक समन्वय और भविष्य की योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान समाज में विवाह संबंधों से जुड़ी वर्तमान परिस्थितियों पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया। संस्था के अध्यक्ष हस्तीमल बंब ने कहा कि समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से संकलित कर एक विशेष निर्देशिका (डायरेक्टरी) तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही जैन समाज के प्रत्येक परिवार को निःशुल्क वितरित किया जाएगा। इससे विवाह योग्य युवाओं के लिए उपयुक्त रिश्ते तलाशने में आसानी होगी।
नई पीढ़ी की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
बैठक में प्रस्तावना रखते हुए हस्तीमल बंब ने कहा कि वर्तमान समय में समाज की नई पीढ़ी, विशेष रूप से बेटियां, शिक्षा, नौकरी, उद्योग-व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि कई मामलों में लड़कियां शिक्षा के क्षेत्र में लड़कों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और विवाह से पहले आत्मनिर्भर बनकर अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह समाज के विकास का सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ ही विवाह संबंध तय करने और रिश्तों को लंबे समय तक बनाए रखने की चुनौती भी सामने आ रही है। नई पीढ़ी में तलाक के मामलों में वृद्धि समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।
विवाह योग्य युवक-युवतियों की जानकारी का संकलन
हस्तीमल बंब ने बताया कि लगभग 15 वर्षों के अंतराल के बाद जालना शहर तथा जिले के विभिन्न तालुकों के ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह योग्य युवक-युवतियों की जानकारी एकत्रित करने का अभियान शुरू किया गया है।
इस प्रक्रिया के दौरान यह तथ्य सामने आया कि समाज में विवाह योग्य युवतियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। इसके कारण कई परिवारों में युवकों की आयु बढ़ती जा रही है और उनके लिए उपयुक्त विवाह प्रस्ताव मिलना कठिन हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले समाज के वरिष्ठ सदस्य या प्रतिष्ठित लोग मध्यस्थता कर विवाह संबंध तय करवाते थे, लेकिन आधुनिक जीवनशैली और व्यस्तता के कारण यह परंपरा धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। इसी कारण समाज में “वधू-वर परिचय केंद्र (बायोडाटा बैंक)” स्थापित करना समय की आवश्यकता है।
भारत में विवाह और पारिवारिक कानून से जुड़ी जानकारी के लिए कानून एवं न्याय मंत्रालय की वेबसाइट देखी जा सकती है:
https://lawmin.gov.in
समाज की नई जनगणना और पारिवारिक जानकारी
बैठक में यह भी बताया गया कि पिछले 15 वर्षों में समाज के कई परिवारों में नई पीढ़ी जुड़ी है और कई लोगों के पते तथा मोबाइल नंबर बदल चुके हैं। इसलिए समाज की नई जनगणना कर परिवारों की अद्यतन जानकारी एकत्रित की गई है।
इसके अलावा विधवा, विधुर, तलाकशुदा तथा दिव्यांग उम्मीदवारों की जानकारी भी संकलित की गई है, ताकि उनके लिए विशेष सम्मेलन आयोजित कर पुनर्विवाह की व्यवस्था की जा सके।
विद्यार्थियों और जरूरतमंदों के लिए सहायता केंद्र
हस्तीमल बंब ने बताया कि जैन समाज को अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा प्राप्त है। इसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और विद्यार्थियों के लिए सरकार तथा निजी संस्थाओं की ओर से कई छात्रवृत्ति योजनाएं उपलब्ध हैं।
इन योजनाओं की जानकारी और लाभ समाज के लोगों तक पहुंचाने के लिए संस्था की ओर से सहायता केंद्र भी शुरू किया गया है। छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है:
https://scholarships.gov.in
समाज के परिवारों को निःशुल्क मिलेगी निर्देशिका
हस्तीमल बंब ने बताया कि समाज के सभी परिवारों और विवाह योग्य युवक-युवतियों की जानकारी को संकलित कर एक विस्तृत निर्देशिका (डायरेक्टरी) तैयार की जा रही है। यह निर्देशिका जल्द ही समाज के प्रत्येक परिवार को निःशुल्क वितरित की जाएगी, जिससे विवाह संबंध स्थापित करने की प्रक्रिया आसान और व्यवस्थित हो सकेगी।
बैठक में पदाधिकारियों ने रखे विचार
बैठक के दौरान एडवोकेट अभय सेठिया ने पिछली बैठक का विवरण प्रस्तुत किया, जबकि कोषाध्यक्ष विजयराज सुराणा ने संस्था की आय-व्यय रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संस्था पंजीकृत होने के कारण उसे सरकारी मान्यता प्राप्त है और मार्च माह में संस्था के खातों का ऑडिट कर धर्मादाय विभाग में जमा करना आवश्यक है।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष नरेंद्र मोदी और सुदेश सकलेचा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक के सफल आयोजन के लिए बसंतीलाल गोलेच्छा, ताराचंद कुचेरिया, राजेंद्र सावजी और कचरूलाल नवलखा ने विशेष प्रयास किए। कार्यक्रम का संचालन सतीश बोथरा ने किया, जबकि अंत में विनोद बंब ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




































































































Leave a Reply