हीट वेव से बचाव के लिए सतर्क रहें नागरिक: जिला प्रशासन की सलाह
जालना | प्रतिनिधि
गर्मी का मौसम शुरू होते ही तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और इसके साथ ही हीट वेव (लू) का खतरा भी बढ़ जाता है। तेज धूप और लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने से हीट स्ट्रोक की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जो कई बार गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते सावधानी न बरती जाए तो लू का असर केवल मनुष्यों पर ही नहीं बल्कि पशुओं और कृषि फसलों पर भी पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जालना ने नागरिकों से गर्मी के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपक काजलकर ने कहा कि यदि लोग हीट वेव से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं, तो लू से होने वाली बीमारियों और दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
शरीर में पानी की कमी न होने दें
अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना हीट स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण होता है। इसलिए नागरिकों को नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। भले ही प्यास महसूस न हो, फिर भी कुछ समय के अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए।
घर से बाहर निकलते समय सिर को ढकने के लिए टोपी, छाता या कपड़े का उपयोग करना चाहिए, ताकि सीधे सूर्य की किरणों से बचा जा सके।
दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें
जिला प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यह समय सबसे अधिक गर्म होता है और इस दौरान लू लगने की संभावना भी ज्यादा रहती है।
घर को ठंडा रखने के लिए खिड़कियों और दरवाजों पर पर्दे या शेड का उपयोग करें। मौसम से संबंधित जानकारी और चेतावनियों के लिए रेडियो, टीवी और समाचार माध्यमों पर प्रसारित सूचनाओं पर ध्यान दें।
मौसम विभाग की ताजा जानकारी के लिए नागरिक भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
👉 https://mausam.imd.gov.in
पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
हल्के कपड़े पहनें और यात्रा में पानी साथ रखें
गर्मी से बचाव के लिए हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनना सबसे बेहतर माना जाता है। बाहर यात्रा करते समय अपने साथ पीने का पानी अवश्य रखें। यदि किसी कारण से धूप में काम करना पड़े तो सिर, गर्दन और चेहरे को टोपी, छाता या गीले कपड़े से ढककर रखें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस घोल, लस्सी, कच्चे आम का पना, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थों का सेवन करना लाभदायक होता है।
हीट स्ट्रोक के लक्षणों और प्राथमिक उपचार की जानकारी के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल
👉 https://www.nhp.gov.in
पर भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
लू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
यदि किसी व्यक्ति को कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना या अचानक थकावट महसूस हो, तो यह लू लगने के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत ठंडी जगह पर आराम करें और आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
पशुओं और श्रमिकों की भी करें विशेष देखभाल
जिला प्रशासन ने कहा है कि पशुओं को धूप से बचाने के लिए उन्हें छांव में रखें और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं।
काम के स्थानों पर भी जरूरी व्यवस्थाएं की जानी चाहिए। मजदूरों के लिए ठंडे पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए और उन्हें सीधे धूप में लंबे समय तक काम करने से बचाने के निर्देश दिए जाने चाहिए। संभव हो तो अधिकतर काम सुबह के समय पूरा किया जाए और बीच-बीच में विश्राम की व्यवस्था की जाए।
गर्भवती महिलाओं और बीमार कर्मचारियों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
जिला प्रशासन ने नागरिकों को कुछ अतिरिक्त सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- गर्मी के समय अत्यधिक मेहनत वाले काम करने से बचें
- शराब, चाय, कॉफी और गैस वाले ठंडे पेय पदार्थों का सेवन न करें
- ज्यादा प्रोटीन वाले और बासी भोजन से परहेज करें
- छोटे बच्चों या पालतू जानवरों को बंद और खड़ी गाड़ियों में कभी न छोड़ें
- गहरे रंग के, मोटे और तंग कपड़े पहनने से बचें
- बाहर तापमान अधिक होने पर भारी शारीरिक श्रम से बचें
इसके अलावा रसोई में काम करते समय दरवाजे और खिड़कियां खुली रखें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे और गर्मी कम हो सके।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन सावधानियों का पालन करें और अपने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी अपनाकर हीट वेव के खतरे से काफी हद तक बचा जा सकता है।

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