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जालना में बारिश का कहर: नदियाँ उफान पर, औसत वर्षा 738 मिमी पार

जालना शहर में बाढ़ का दृश्य, जहाँ पानी सड़कों और इमारतों के चारों ओर फैला हुआ है।

जालना में बारिश का कहर: नदियाँ उफान पर, औसत वर्षा 738 मिमी पार

| जालना, महाराष्ट्र

सोमवार देर शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जालना शहर और जिले को हिला कर रख दिया। सीना–कुंडलिका नदियों का जलस्तर अचानक इतना बढ़ा कि पुलों पर पानी बहने लगा। लक्कड़ कोट, हनुमान घाट, खांडसारी, बस स्टैंड और पुराने जालना के निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए।

लोग रातभर अँधेरे में सामान निकालते रहे और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। शहर की बिजली आपूर्ति आधी रात को ठप हो गई, जिससे हालात और भयावह हो गए।

तबाही का मंजर

  • लक्कड़ कोट और राजमहल टॉकीज क्षेत्र में घरों और दुकानों में पानी घुसा।
  • रेलवे स्टेशन मार्ग के होटल और दुकानों को भारी नुकसान।
  • पुराना जालना का टाउन हॉल परिसर और पॉश इलाका (अर्जुन खोतकर, राजेश टोपे के बंगलों वाला क्षेत्र) भी जलमग्न।
  • लक्कड़ कोट से तीन दोपहिया वाहन और एक ट्रैक्टर बह गया।
भारी बारिश से सड़कें पानी में डूबी हुईं

सीना और कुंडलिका नदियाँ बनी आफत

बस स्टैंड के पास सीना नदी का जलस्तर लगभग 10 फीट ऊपर बहता मिला। कुंडलिका नदी किनारे के घरों में पानी घुसने से लोग अल सुबह तक सुरक्षित स्थानों पर रुके रहे। कई घरों का सामान पानी में डूब गया।

नदी किनारे के घरों में पानी घुसा हुआ

जिले की वर्षा स्थिति

1 जून से 16 सितंबर 2025 तक जिले की औसत वर्षा 737.7 मिमी दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 665.2 मिमी है। यानी इस बार अब तक लगभग 121 मिमी अधिक बारिश हुई।

सोमवार को विभिन्न तहसीलों में हुई वर्षा:

  • जालना – 59.2 मिमी
  • परतुर – 54.5 मिमी
  • जाफराबाद – 39.2 मिमी
  • घनसावंगी – 37.1 मिमी
  • अंबड – 36.3 मिमी
  • मंठा – 38.6 मिमी
  • बदनापुर – 35.7 मिमी
  • भोकरदन – 22.6 मिमी
बारिश के दौरान अंधेरे में राहत कार्य

इस सीजन में सबसे ज्यादा वर्षा घनसावंगी (808.8 मिमी) और मंठा (805.6 मिमी) में दर्ज हुई है। जालना तहसील में 675.1 मिमी, परतुर में 729.0 मिमी, अंबड में 732.6 मिमी और जाफराबाद में 660.3 मिमी वर्षा हुई है।

फसलों पर असर

खेतों में पानी भर जाने से कई जगह फसलें चौपट हो गईं। किसानों को भारी नुकसान का अंदेशा है।

खेती की फसलें पानी में डूबी हुईं

नागरिकों में दहशत और चिंता

फिलहाल नदियों का जलस्तर थोड़ा घटा है लेकिन वे अभी भी उफान पर हैं। लोगों में डर है कि यदि ऐसी बारिश फिर होती है तो हालात और गंभीर हो जाएंगे।

रात की बारिश में सामान निकालते लोग

रिपोर्टर: NewsNation Online टीम


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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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