जालना में भीषण गर्मी का अलर्ट: 18 मई तक हीटवेव
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र, खासकर जालना जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 15 मई से 18 मई 2026 तक जालना समेत आसपास के जिलों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मजदूरों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
जालना और मराठवाड़ा में कितना है तापमान?
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मराठवाड़ा के जिलों—जालना, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी और बीड—में अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। न्यूनतम तापमान भी 24-26 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जिसकी वजह से रातें भी पहले की तुलना में गर्म महसूस हो रही हैं। मई की शुरुआत से ही जालना में बारिश का आँकड़ा शून्य के बराबर रहा है, जिससे हवा में नमी कम है और सूखी गर्मी का असर तेज हो गया है। आसपास के ज़िलों में भी जल स्रोतों का स्तर तेज़ी से गिर रहा है।
IMD का येलो अलर्ट और इसका मतलब क्या है
IMD ने मराठवाड़ा के कई जिलों पर येलो अलर्ट जारी किया है। येलो अलर्ट का सीधा मतलब है कि नागरिक सतर्क रहें और गर्मी से जुड़ी बीमारियों—जैसे लू, डिहाइड्रेशन और चक्कर आना—से बचने के लिए जरूरी एहतियात बरतें। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब तक बहुत ज़रूरी ना हो, घर से बाहर ना निकलें। पीने के पानी की मात्रा बढ़ा दें, हल्के और सूती कपड़े पहनें और छाते या टोपी का इस्तेमाल करें।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों, ग्रामीण रुग्णालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक यदि किसी को तेज सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी, अत्यधिक पसीना आना अचानक बंद हो जाना या त्वचा सूखी और लाल पड़ जाए तो इसे लू (हीट स्ट्रोक) का संकेत मानें और तुरंत नज़दीकी अस्पताल जाएँ। आपातकालीन स्थिति में राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा 108 पर कॉल किया जा सकता है। जिला सिविल अस्पताल जालना में 24 घंटे आपातकालीन सेवा उपलब्ध है। आपदा हेल्पलाइन 1077 पर भी सहायता मांगी जा सकती है।
किसानों और मजदूरों के लिए विशेष सलाह
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में सिंचाई के लिए सुबह या शाम के घंटों को प्राथमिकता दें। पशुओं को छायादार स्थान पर रखें और उन्हें ठंडा पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराएँ। मनरेगा और निर्माण मजदूरों के लिए जिला प्रशासन ने काम के घंटे फिर से तय करने की सलाह दी है। श्रम विभाग के निर्देश के अनुसार दोपहर 12 से 4 बजे के बीच आउटडोर काम कम करना ज़रूरी है। ठेकेदारों से कहा गया है कि साइट पर ठंडा पानी, छायादार विश्राम स्थल और प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध करायें।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
IMD के अनुसार 19 मई से तापमान में मामूली गिरावट की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम और हल्के बादलों के कारण मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में 20-21 मई के आसपास हल्की बौछारें भी पड़ सकती हैं। हालांकि किसानों और आम जनता को सलाह है कि अगले तीन-चार दिन की भीषण गर्मी से बचाव सबसे ज़रूरी है। नवीनतम पूर्वानुमान के लिए mausam.imd.gov.in वेबसाइट या Mausam मोबाइल ऐप देखी जा सकती है।
नागरिकों से अपील: इन बातों का रखें ध्यान
जालना जिला प्रशासन ने नागरिकों से कुछ अहम अपीलें की हैं:
- दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएँ; खाली पेट बाहर ना निकलें।
- शराब, अत्यधिक चाय और बहुत मीठे पेय से परहेज़ करें क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं।
- नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ORS घोल का सेवन करें।
- गाड़ी में बच्चों या पालतू जानवरों को बंद करके न छोड़ें।
- पड़ोस में अकेले रहने वाले बुज़ुर्गों का हाल पूछते रहें।
- आपातकाल में 108 (एम्बुलेंस) या 1077 (आपदा हेल्पलाइन) पर कॉल करें।
मराठवाड़ा का यह दौर सिर्फ मौसम का सवाल नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की चुनौती भी है। जालना और आसपास के इलाकों के नागरिक यदि सावधानी बरतें और एक-दूसरे का ध्यान रखें तो हीटवेव के असर को काफ़ी हद तक कम किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए जालना जिला कलेक्टर कार्यालय या जिला आपदा प्रबंधन सेल से सम्पर्क किया जा सकता है। अधिकृत अपडेट्स के लिए जालना जिले की आधिकारिक वेबसाइट jalna.gov.in नियमित रूप से देखें।
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