क्राइम / पुलिस
चंदनझिरा पुलिस की बड़ी कामयाबी: घाणेवाड़ी पाइपलाइन से चोरी हुआ 20 फुटी लोहे का गर्डर बरामद
| घटना का संक्षिप्त विवरण | |
|---|---|
| चोरी की तारीख | 24 फरवरी 2026 |
| बरामदगी की तारीख | 14 मार्च 2026 |
| चोरी का स्थान | कन्हैया नगर नाला, जालना |
| बरामद वस्तु | 20 फुट लंबा लोहे का गर्डर |
| जांच पुलिस थाना | चंदनझिरा पुलिस थाना, जालना |
| आरोपियों की स्थिति | जांच जारी, गिरोह की पहचान प्रक्रिया |
पूरी घटना क्या है?
जालना शहर के घाणेवाड़ी इलाके से जल शोधन केंद्र तक पेयजल ले जाने वाली मुख्य पाइपलाइन पर कन्हैया नगर नाले के पास 20 फुट लंबा लोहे का गर्डर लगा हुआ था। यह गर्डर पाइपलाइन की संरचनात्मक मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक था। 24 फरवरी 2026 की रात अज्ञात चोर इस गर्डर को काटकर या उखाड़कर ले गए।
सार्वजनिक संपत्ति की चोरी का यह मामला सामने आते ही स्थानीय नागरिकों में रोष फैल गया। पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जालना नगर पालिका के अधिकारियों ने तत्काल चंदनझिरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
18 दिनों की गहन जांच
मामला दर्ज होते ही चंदनझिरा पुलिस थाने के अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी जांच के अंतर्गत पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा गोपनीय मुखबिरों के नेटवर्क को सक्रिय किया गया।
पुलिस टीम ने इलाके के कबाड़ व्यापारियों और लोहे की खरीद-बिक्री करने वाले ठिकानों पर नजर रखी। जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की गई कि यह चोरी किसी संगठित गिरोह का काम है या स्थानीय व्यक्तियों का। 18 दिनों की अथक मेहनत के बाद 14 मार्च 2026 को पुलिस को सफलता मिली।
— चंदनझिरा पुलिस थाना, जालना
सार्वजनिक संपत्ति की चोरी: एक गंभीर अपराध
भारतीय दंड संहिता की धारा 379 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 के तहत सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना एक गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने पर 3 से 5 वर्ष तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों में पाइपलाइन, बिजली के तार और सरकारी संपत्ति की चोरी के मामले तेजी से बढ़े हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार महाराष्ट्र में संपत्ति अपराधों में शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं।
जालना की जलापूर्ति व्यवस्था पर असर
जालना नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति जालना नगर परिषद की देखरेख में होती है। घाणेवाड़ी से जल शोधन केंद्र तक आने वाली यह पाइपलाइन शहर के एक बड़े हिस्से को जल आपूर्ति करती है। गर्डर चोरी के कारण पाइपलाइन की संरचनात्मक सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी, जिससे संभावित लीकेज या पाइप टूटने की आशंका बन गई थी।
गर्डर की बरामदगी के बाद नगर परिषद के इंजीनियरों ने पाइपलाइन का निरीक्षण किया। पाइपलाइन की मरम्मत और पुनर्स्थापना का काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
अगला कदम: गिरोह की पहचान
गर्डर बरामद होने के बाद अब पुलिस इस चोरी को अंजाम देने वाले गिरोह की पहचान पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस तरह की संगठित चोरियों के पीछे आमतौर पर धातु तस्करी से जुड़े गिरोह होते हैं जो लोहे को कबाड़ में बेचकर मुनाफा कमाते हैं।
महाराष्ट्र पुलिस ऐसे मामलों में जिला स्तरीय समन्वय के साथ आगे बढ़ती है। चंदनझिरा थाने की टीम संदिग्धों को जल्द गिरफ्तार करने की दिशा में काम कर रही है।

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