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जालना में सनसनीखेज वारदात: बेटी के प्रेम संबंध का पता चलते ही बाप ने की गला दबाकर हत्या, फांसी का रचा था नाटक

जालना में सनसनीखेज वारदात: बेटी के प्रेम संबंध का पता चलते ही बाप ने की गला दबाकर हत्या, फांसी का रचा था नाटक

जालना, महाराष्ट्र: जालना जिले के बदनापूर तहसील में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अपनी बेटी के प्रेम संबंध की जानकारी मिलते ही एक पिता ने समाज में बदनामी के डर से अपनी ही बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी और हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए फांसी का नाटक रचा। यह मामला वेब सीरीज़ की किसी कहानी से भी ज्यादा चौंकाने वाला साबित हुआ है।

घटना का खुलासा ऐसे हुआ

पुलिस के अनुसार, 5 सितंबर 2025 को बदनापूर पुलिस थाने के उपनिरीक्षक संतोष कुकलारे रात में गश्त पर थे। तभी उन्हें सूचना मिली कि दावलवाड़ी गांव में हरी बाबुराव जोगदंड की बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन जांच के दौरान यह साफ हो गया कि मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का है।

हत्या का कारण और जांच

पुलिस निरीक्षक एम. टी. सुरवसे ने गहराई से जांच की। प्राथमिक जांच में सामने आया कि बेटी का प्रेम संबंध पिता की इच्छा के खिलाफ था और उन्हें समाज में बदनामी का डर था। इसी कारण गुस्से और अपमान की भावना में पिता हरी बाबुराव जोगदंड ने अपनी ही बेटी का गला दबाकर हत्या कर दी।

हत्या को छुपाने के लिए आरोपी ने शव को लोहे के एंगल से फांसी पर लटकाकर आत्महत्या का नाटक रचा और किसी अज्ञात व्यक्ति के जरिए पुलिस को फोन कर जानकारी दी।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ सच का खुलासा

शव को बदनापूर ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद पुष्टि हुई कि मौत गला दबाने से हुई है। पुलिस ने तुरंत आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया और उस पर हत्या का मामला दर्ज किया।

समाज पर असर

इस घटना ने न केवल पूरे जिले को हिला दिया, बल्कि समाज में बेटियों की सुरक्षा और उनकी स्वतंत्रता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सम्मान और बदनामी के नाम पर होने वाली हिंसा को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता जरूरी है।

लोगों की प्रतिक्रियाएँ

गांव के लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि परिवारों में संवाद की कमी और सामाजिक दबाव ऐसी घटनाओं को जन्म देते हैं। सरकार और समाज को मिलकर मानसिकता बदलने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

जालना की यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि सम्मान और बदनामी के नाम पर की जाने वाली हिंसा कभी भी स्वीकार्य नहीं हो सकती। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह मामला उजागर हुआ, लेकिन यह भी जरूरी है कि समाज मानसिकता में बदलाव लाए।

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