छत्रपति शिवाजी महाराज–टीपू सुल्तान विवाद पर जालना में सियासी घमासान, भाजपा के विरोध पर कांग्रेस का तीखा पलटवार
जालना | 15 फरवरी 2026
छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान को लेकर दिए गए बयान के बाद जालना की राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाळ के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। इस मुद्दे पर जालना में विरोध-प्रदर्शन, नारेबाज़ी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
भाजपा का उग्र आंदोलन, सांसद कार्यालय के सामने प्रदर्शन

जालना से कांग्रेस सांसद कल्याण काळे के कार्यालय के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार निषेध आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने हर्षवर्धन सपकाळ के पोस्टर पर जूते मारकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और उनके बयान को छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान बताया।
भाजपा नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन पार्टी के निर्देशों और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में किया गया। भाजपा का आरोप है कि सपकाळ ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से की, जो महाराष्ट्र की अस्मिता और इतिहास के साथ खिलवाड़ है।
कांग्रेस का जवाब: बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही भाजपा
भाजपा के विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने भी कड़ा पलटवार किया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि हर्षवर्धन सपकाळ का बयान ऐतिहासिक संदर्भों पर आधारित था, लेकिन भाजपा उसे जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, टीपू सुल्तान ने छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य के विचारों से प्रेरणा लेकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया था और उनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में दर्ज है। कांग्रेस ने इसे ऐतिहासिक तथ्य बताते हुए भाजपा पर भावनात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया।

भाजपा पर “दोहरी नीति” का आरोप, पुराने उदाहरण गिनाए
कांग्रेस ने भाजपा की कथित दोहरी नीति पर भी सवाल उठाए। पार्टी ने दावा किया कि कर्नाटक में 2012–13 के दौरान भाजपा सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर ने टीपू सुल्तान के कार्यों की प्रशंसा करते हुए पत्र लिखा था।
इसके अलावा कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येडियुरप्पा द्वारा टीपू सुल्तान की कब्र पर श्रद्धांजलि देने का भी हवाला दिया। कांग्रेस ने सवाल किया कि “जब भाजपा की सरकार थी, तब न विरोध हुआ और न भावनाएं आहत हुईं, फिर आज इतना आक्रोश क्यों?”

कांग्रेस का यह भी आरोप है कि भाजपा शासनकाल में ही कर्नाटक में टीपू सुल्तान जयंती मनाई गई और मुंबई में कुछ सड़कों को टीपू सुल्तान का नाम देने संबंधी शासन निर्णय (GR) भी उसी दौर में जारी हुए।
जालना में बढ़ा सियासी तनाव, राज्य राजनीति पर असर संभव
इन घटनाओं के चलते जालना में कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव और तीखा हो गया है। दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आने से कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बनी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में राज्य-स्तरीय राजनीति में भी गूंज सकता है।

कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान जालना कांग्रेस के तालुका अध्यक्ष कृष्णा पडुळ, कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष शेख इब्राहिम, पूर्व नगरसेवक वाजेद खान, युवक अध्यक्ष वसीम शेख, शेतकरी वाढेकर, राम कुराढे, आसिफ पठाण, अमोल भोसले, शामशोदिन, संजय देठे, दीपक भाऊ, विशाल धनुरे, बाबासाहेब सोनवणे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- छत्रपति शिवाजी महाराज – Wikipedia
https://hi.wikipedia.org/wiki/छत्रपति_शिवाजी_महाराज - टीपू सुल्तान – Wikipedia
https://hi.wikipedia.org/wiki/टीपू_सुल्तान - देवेंद्र फडणवीस – Wikipedia
https://hi.wikipedia.org/wiki/देवेंद्र_फडणवीस
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