लाडली बहन योजना में गड़बड़ी की जांच शुरू
जालना में 70 हजार महिलाओं की होगी घर-घर सत्यापन से पड़ताल
जालना: महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना’ में एक ही परिवार की कई महिलाओं द्वारा लाभ उठाने के मामलों का खुलासा होने के बाद अब योजना के दुरुपयोग पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
सरकार ने जालना जिले में 70,200 संदिग्ध महिलाओं की सूची जारी की है, जिनकी घर-घर जाकर आंगनवाड़ी सेविकाएं जांच करेंगी।
सूत्रों के अनुसार, कई परिवारों में दूसरी, तीसरी और चौथी महिलाओं द्वारा लाभ लिया गया, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ नहीं मिल सका। अब ऐसे अपात्र लाभार्थियों को योजना से हटाया जाएगा।
इस प्रक्रिया के तहत मुंबई स्थित मुख्यालय द्वारा सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रारंभिक छानबीन की जा रही है और जमीनी जांच के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को नियुक्त किया गया है।
योजना की पृष्ठभूमि
यह योजना विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन सरकार द्वारा शुरू की गई थी। उस समय बिना मूल्यांकन के लाखों आवेदनों को स्वीकृति दी गई, जिससे राजनीतिक लाभ भी मिला। अब इस योजना पर बढ़ते वित्तीय भार को देखते हुए सरकार कड़े कदम उठा रही है।
पात्रता के प्रमुख मापदंड:
- महिला महाराष्ट्र की निवासी होनी चाहिए
- आयु सीमा: 21 से 67 वर्ष
- विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाएं पात्र
- प्रत्येक परिवार से एक अविवाहित महिला
- परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए
जालना जिले में इस योजना के अंतर्गत कुल 4,64,914 महिलाएं पंजीकृत हैं, जिनमें से 70 हजार से अधिक लाभार्थियों की पुनः जांच की जा रही है।
प्रशासन की भूमिका
प्रशासन का कहना है कि इस पड़ताल का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बनाए रखना है ताकि केवल पात्र और वंचित महिलाओं तक ही योजना का लाभ पहुंचे।
अपात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों पर कानूनी कार्रवाई की भी संभावना जताई गई है।

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