NewsNation Online

FireFly In News

बकाया वेतन और भ्रष्टाचार विवाद: आमरण उपोषण लिखित आश्वासन के बाद स्थगित

Arrears of salary and corruption dispute: Hunger Strike postponed after written assurance

प्राचार्य डॉ. शंकर अंभोरे की पहल रही निर्णायक

जालना: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर विद्यालय के सहशिक्षक नागसेन संपतराव बनकर ने अपनी लंबित वेतन भुगतान और अन्य मांगों को लेकर 6 फरवरी 2025 से आमरण उपोषण शुरू किया था। उनकी प्रमुख मांगों में बकाया वेतन का भुगतान, आर्थिक अनियमितताओं की जांच और दोषियों पर कार्रवाई शामिल थी।

इस उपोषण को समाप्त कराने में स्वाभिमान मुप्टा शिक्षक संगठन के संस्थापक अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. शंकर अंभोरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने प्रशासन और शिक्षक के बीच मध्यस्थता कर समाधान निकालने में अहम योगदान दिया.
डॉ. अंभोरे के हस्तक्षेप के बाद, जिला परिषद, जालना के माध्यमिक शिक्षा अधिकारी ने लिखित आश्वासन जारी किया, जिसमें 15 दिनों के भीतर सभी मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया। इस आश्वासन के बाद नागसेन बनकर ने डॉ. शंकर अंभोरे के हाथों पानी पीकर अपना आमरण उपोषण समाप्त करने की घोषणा की.

महत्वपूर्ण उपस्थिति और प्रशासनिक आश्वासन

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. शंकर अंभोरे, प्राचार्य गाजहंस, सेवानिवृत्त प्राध्यापक रायपुर, अशोक बनकर, सोहम बादवडे, जिला परिषद शिक्षा विभाग के कक्ष अधिकारी मकरंद सेवलीकर, वरिष्ठ सहायक प्रसन्ना जोगदंड, संतोष तुपे, विद्यालय के प्रभारी मुख्याध्यापक राजेंद्र गाजरे एवं शिक्षक विजय गोटूले उपस्थित थे।

जिला परिषद के माध्यमिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षक की सभी जायज मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें शामिल हैं:

  • बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान।
  • आर्थिक अनियमितताओं की जांच और दोषियों पर कार्रवाई।
  • अन्य शिकायतों की समीक्षा और समाधान।

प्रशासन को 15 दिनों की चेतावनी

शिक्षक नागसेन बनकर ने प्रशासन को 15 दिनों की समयसीमा दी है और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ, तो वे पुनः आंदोलन करेंगे।


Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

author avatar
Imran Siddiqui

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading