अपराधियों में रोज़ बने ‘ऑल आउट ऑपरेशन’ का डर: आमेर पाशा
नशीली गोलियों पर सख्ती हो तो आधे अपराध अपने आप खत्म हो जाएंगे
जालना: जालना शहर में लगातार बढ़ते अपराध और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के बीच पुलिस द्वारा बीती रात चलाए गए ‘ऑल आउट ऑपरेशन’ पर प्रतिक्रिया देते हुए जालना नगर परिषद के पूर्व सभापति आमेर पाशा ने सख्त शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की सख्त कार्रवाई पहले से और नियमित रूप से होती, तो शहर को करीब पचास हत्याओं जैसे भयावह हालात का सामना नहीं करना पड़ता।
युवाओं में नशे की लत बन रही अपराध की जड़
आमेर पाशा ने कहा कि जालना में अपराध करने वालों में बड़ी संख्या 18 से 26 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की है। ये युवा नशीली गोलियों और अन्य मादक पदार्थों के सेवन के कारण अपना मानसिक संतुलन खो बैठते हैं और अपराध की ओर बढ़ जाते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि पुलिस व प्रशासन वास्तव में अपराध पर लगाम लगाना चाहते हैं, तो नशीली गोलियों के अवैध कारोबार पर सबसे पहले कठोर कार्रवाई करनी होगी।
उनका मानना है कि नशे पर नियंत्रण पा लिया जाए, तो शहर के आधे से अधिक अपराध खुद-ब-खुद समाप्त हो सकते हैं।
ऑल आउट ऑपरेशन नियमित होना चाहिए
पूर्व सभापति ने कहा कि ‘ऑल आउट ऑपरेशन’ जैसे अभियान केवल एक-दो दिन तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि इन्हें रोज़ाना और योजनाबद्ध तरीके से चलाया जाना चाहिए। इससे अपराधियों में लगातार डर बना रहेगा और वे अपराध करने से पहले कई बार सोचने को मजबूर होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पचास हत्याओं के बाद पुलिस का हरकत में आना चिंता का विषय है। केवल दिखावे के लिए अभियान चलाने के बजाय अपराध के वास्तविक कारणों की पहचान कर ठोस और स्थायी समाधान जरूरी है।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
आमेर पाशा ने आरोप लगाया कि शहर की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, लेकिन न तो सांसद, न विधायक और न ही जिले के पालक मंत्री की ओर से कोई ठोस और गंभीर पहल नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि जब हालात इतने गंभीर हो चुके हैं, तब सभी जनप्रतिनिधियों को आगे आकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
समाज, पुलिस और प्रशासन—तीनों की साझा जिम्मेदारी
उन्होंने बताया कि हालिया कई अपराधों में कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए सामान्य युवा शामिल पाए गए हैं। नशीली गोलियों की लत उन्हें इस कदर जकड़ लेती है कि वे अपना आपा खो बैठते हैं और गंभीर अपराध कर बैठते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए समाज, प्रशासन और पुलिस—तीनों को मिलकर कठोर और समन्वित कदम उठाने होंगे।
रोज़ाना जल्दी बाजार बंद कराने की मांग
आमेर पाशा ने पुलिस से मांग की कि जिस तरह बीती रात रात 10 बजे ही बाजार बंद कराए गए, उसी तरह यह व्यवस्था हर दिन लागू की जाए। इससे चौराहों और सड़कों पर देर रात तक जमा होने वाली टोलियां अपने घरों में रहेंगी, हुड़दंग रुकेगा और अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस यदि इसी तरह सख्ती और निरंतरता बनाए रखे, तो जालना शहर में कानून-व्यवस्था में निश्चित रूप से सुधार देखने को मिलेगा। ऑल आउट ऑपरेशन.

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