सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग पर जागरूकता
जालना जिलाधिकारी कार्यालय में ‘सेफर इंटरनेट डे’ के अवसर पर विशेष कार्यशाला आयोजित
जालना:
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों और ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए ‘सेफर इंटरनेट डे’ के अवसर पर जिला सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की ओर से जालना जिलाधिकारी कार्यालय स्थित राजस्व भवन में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार और विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा। सेफर इंटरनेट डे जालना
कार्यशाला के दौरान साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, डेटा की गोपनीयता, मजबूत पासवर्ड के महत्व, संदिग्ध लिंक और ई-मेल से बचाव, तथा ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल लेन-देन, सोशल मीडिया और ई-गवर्नेंस सेवाओं का उपयोग करते समय छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में इंटरनेट का उपयोग करते समय साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही व्यक्तिगत जीवन में मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतने, नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट करने और अज्ञात स्रोतों से आने वाली फाइलों या कॉल से सावधान रहने की सलाह दी गई।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीन तकनीकी जानकारियों से अवगत कराना और उन्हें साइबर खतरों के प्रति सतर्क बनाना था। जिला सूचना विज्ञान केंद्र ने सभी शासकीय कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें और प्राप्त जानकारी का व्यवहारिक उपयोग कर स्वयं के साथ-साथ कार्यालयीन डेटा को भी सुरक्षित रखें।
कार्यशाला में निवासी उपजिलाधिकारी शशिकांत हदगल, प्रोफेसर संदीप काले, जिला सूचना विज्ञान केंद्र के भूषण लोखंडे, रामेश्वर भोसले, दीपेंद्र जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य बिंदु (Key Points)
- ‘सेफर इंटरनेट डे’ के अवसर पर जालना जिलाधिकारी कार्यालय में विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
- जिला सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा कार्यक्रम का संचालन
- इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार और विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर
- साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
- सरकारी कामकाज के साथ-साथ निजी जीवन में इंटरनेट उपयोग की सावधानियों पर चर्चा
- संदिग्ध लिंक, ई-मेल और फर्जी कॉल से सतर्क रहने की सलाह
- अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीन तकनीकी जानकारी से अवगत कराने का उद्देश्य
- शासकीय कार्यालयों में साइबर सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष जोर
- विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: सेफर इंटरनेट डे क्या है?
उत्तर: सेफर इंटरनेट डे एक अंतरराष्ट्रीय जागरूकता दिवस है, जिसका उद्देश्य इंटरनेट के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
प्रश्न 2: इस कार्यशाला का आयोजन किसने किया था?
उत्तर: इस कार्यशाला का आयोजन जिला सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा किया गया था।
प्रश्न 3: कार्यशाला में किन विषयों पर जानकारी दी गई?
उत्तर: साइबर सुरक्षा, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डेटा सुरक्षा और डिजिटल सतर्कता जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।
प्रश्न 4: सरकारी कर्मचारियों के लिए यह कार्यशाला क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: सरकारी कार्यालयों में डिजिटल डेटा और ऑनलाइन सेवाओं का व्यापक उपयोग होता है, ऐसे में साइबर खतरों से बचाव के लिए कर्मचारियों का जागरूक होना आवश्यक है।
प्रश्न 5: आम नागरिक इस कार्यशाला से क्या सीख सकते हैं?
उत्तर: आम नागरिक इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग, फर्जी कॉल-लिंक से बचाव, मजबूत पासवर्ड और डिजिटल सतर्कता जैसे महत्वपूर्ण सबक सीख सकते हैं।
प्रश्न 6: ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं?
उत्तर: अज्ञात लिंक या ई-मेल पर क्लिक न करना, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करना और नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट करना जरूरी है।
सेफर इंटरनेट डे जालना
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